हरिद्वार। प्रदेश के चारों धामों के साथ साथ विभिन्न पौराणिक तीर्थो तथा मठ मन्दिरों की यात्रा के लिए श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा द्वारा निकाली गयी पवित्र छड़ी यात्रा प्रसिद्व बाबा केदारनाथ धाम पहुच गयी,जहां पर पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूर्जा अर्चना की गयी। पर निकली पवित्र छड़ी यात्रा श्रद्वा उत्साह के साथ जारी है। केदारनाथ यात्रा के बाद पवित्र छड़ी यात्रा तुंगनाथ पहुचेगी,जहां से अनुसूईया मन्दिर पहुचेगी,वहां पर यात्रा का रात्रि विश्राम होगा। रात्रि विश्राम के बाद यात्रा आगे के लिए प्रस्थान करेगी। यह जानकारी श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अन्र्तराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत स्वामी हरिगिरि जी ने बताया कि यात्रा सफलता पूर्वक जारी है। शनिवार को बाबा केदारनाथ में पवित्र छड़ी की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की गई। केदारनाथ के बाद पवित्र छड़ी आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गयी। इससे पहले केदारनाथ धाम पहुचने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने पूजा अर्चना के बाद स्वागत किया। बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा यात्रा को राजकीय यात्रा घोषित करने के बाद प्रशासन के साथ साथ जगह जगह स्थानीय लोगों द्वारा श्रद्वा एवं उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। बतातें चले कि चारों धाम के लिए श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा द्वारा पवित्र छड़ी यात्रा शुरू किया गया है। प्रदेश के पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों के लिये शुरू की गई छड़ी यात्रा को मुख्यमंत्री द्वारा विधि विघान के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा गत 12 अक्टूबर को रवाना किया गया। हरिद्वार के मायादेवी मन्दिर प्रांगण से प्रारम्भ हुई यह यात्रा प्र्रदेश के चारों धामों के साथ साथ अन्य पौराणिक स्थलों तथा मठ मन्दिरों से होती हुई जायेगी। चारों धामों की यात्रा के बाद पवित्र छड़ी अन्य पौराणिक स्थलों पर भी जायेगी,छड़ी यात्रा का समापन 05नवम्बर को हरिद्वार वापसी के साथ होगी। श्रीमहंत हरिगिरि जी ने बताया कि सनातन धर्म को बढ़ावा देने तथा जीर्णशीर्ण मठ मन्दिरों, सिद्व स्थलों के प्रति जागरूकता लाने के ध्येय से शुरू की गयी छड़ी यात्रा से प्रदेश में श्रद्वालुओं का आगमन बढ़ेगा। श्रद्वालुओं के आगमन बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेंगे। छड़ी यात्रा के प्रमुख श्रीमहंत प्रेमगिरि,श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती,श्रीमहंत धीरज गिरी,श्रीमहंत पुष्पराज गिरि,श्रीमहंत इन्द्रानंद सरस्वती,श्रीमहंत शिवदत्त गिरी सहित कई अन्य प्रमुख लोग साथ साथ चल रहे है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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