हरिद्वार। अपने ग्राहकों के साथ और अधिक बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से बीएचईएल में दो दिवसीय ग्राहक सम्मेलन का आयोजन किया गया। ऑपरेशन एवं मेंटीनेंस तथा टरबाइन और जेनरेटर में आए किसी तकनीकी दोष को कार्यस्थल पर ही दूर करना, इस सम्मेलन का मुख्य विषय था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनटीपीसी तथा सेल के संयुक्त उपक्रम एनएसपीसीएल के निदेशक तेजवीर सिंह, बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक (हीप) संजय गुलाटी एवं कार्यपालक निदेशक (एसएसबीजी) पी.नागामनिकम ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए तेजवीर सिंह ने विभिन्न पावर प्लांट्स में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने में बीएचईएल के प्रयासों की सराहना की। संजय गुलाटी ने कहा कि “ग्राहक सफल-हम सफल” बीएचईएल की कार्य संस्कृति का अभिन्न भाग है तथा बीएचईएल अपने ग्राहकों की मदद के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने कहा कि बीएचईएल का सदा यही प्रयास रहता है कि टरबाइन और जेनरेटर में आए किसी भी तकनीकी दोष को कार्यस्थल पर ही दूर किया जा सके। जिससे पावर प्लांट्स का डाउन टाइम कम हो और निर्बाध रूप से बिजली उत्पादन कर राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हो सके। इससे पहले महाप्रबंधक (स्पेयर्स एवं आरएंडएम) एस.सी.अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए ग्राहक सम्मेलन के आयोजन पर प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में देश भर से आए लगभग 50 ग्राहक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिनमें एनटीपीसी, जिंदल, डीवीसी, एपीजेंको आदि अनेक ग्राहक संस्थान शामिल रहे। इस अवसर पर अनेक महाप्रबंधकगण, भेल एवं अन्य संगठनों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी तथा बडी संख्या में देश भर से आए ग्राहक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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