हरिद्वार। अग्रसेन घाट पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन कथा व्यास भागवताचार्य पं.पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान की विभिन्न कथाओं का सार श्रीमद्भागवत मोक्ष दायिनी है। इसके श्रवण से परीक्षित को मोक्ष की प्राप्ति हुई और कलियुग में भी इसके प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिलते हैं। श्रीमदभागवत कथा सुनने से प्राणी को मुक्ति प्राप्त होती है। सत्संग व कथा के माध्यम से मनुष्य भगवान की शरण में पहुंचता है। इस संसार में आकर मनुष्य मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है। इसीलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी मात्र का कल्याण संभव है। गंगोत्री धाम के मुख्य रावल शिवप्रकाश ने कहा कि श्रीमदभागवत कथा श्रवण करने से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते थे। कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति का जीवन भवसागर से पार हो जाता है। महाराजा अग्रसेन घाट समिति के अध्यक्ष रामबाबू बंसल, महामंत्री डा.विशाल गर्ग, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह, आशीष मित्तल, आदि ने व्यासपीठ की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। भागवत कथा से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शंाति व मुक्ति मिलती है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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