हरिद्वार। स्वदेशी जागरण मंच की 14वीं राष्ट्रीय सभा का शुभारंभ प्रेमनगर आश्रम में स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के आवाह्न साथ हुआ। मौके पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक अरूण ओझा ने देश के विभिन्न राज्यों से आये प्रतिनिधियों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि स्वदेशी की भावना और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने से ही राष्ट्र विकसित होगा और हम विदेशी कंपनियों के षडयत्रों से देश की अर्थव्यवस्था को बचा सकते हैं। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि स्वदेशी संस्कृति हैं जिससे हमें विदेशी कंपनियों की विध्वंसकारी सोच से बचाना है। उन्होंने कहा कि 28 वर्ष की यात्रा में स्वदेशी जागरण मंच ने देश का मार्गदर्शन किया है और देश में स्वदेशी की भावना को जाग्रत कर लघु, कुटीर उद्योगों को संरक्षण प्रदान किया है। विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए अमूल डेरी के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने देश में श्वेत क्रांति के जनक डाॅ. वर्गिज कुरियन को स्मरण करते हुए कहा कि अखण्ड भारत के निर्माता सरदार बल्लभ भाई पटेल ने जिस अमूल डेरी की 73 वर्ष पूर्व स्थापना की थी वह अमूल डेरी सहकारी क्षेत्र में स्वदेशी की भावना का अनुपम उदाहरण हैं और विदेशी कंपनियों को टक्कर देने वाली स्वदेशी सहकारी कम्पनी हैं जो डेरी उत्पादो में देश की पहचान बनी हुई है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने कहा कि स्वभाषा, स्वसंस्कृति, स्वदेशी का प्रतीक है और हरिद्वार के गुरूकुल, आयुर्वेद संस्थान स्वदेशी आंदोलन के प्राचीन समय से ही अभिन्न अंग रहे हैं। हरिद्वार में स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय सभा का आयोजन हमारे लिए सौभाग्य का विषय है, इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आये प्रतिनिधि हरिद्वार में गुरूकुल कांगडी फार्मेसी, पंतजलि योगपीठ जैसी स्वदेशी प्रतिष्ठानों और कम्पनियों का अवलोकन करेंगे। उद्घाटन सत्र में आएं हुए प्रतिनिधियों, अतिथियांे का स्वागत विनोद चैधरी तथा सहयोग प्रदान करने वालों का आभार व्यवस्था समन्वयक रामकुमार चैधरी ने किया। उद्घाटन समारोह का संचालन स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संयोजक डाॅ. राजीव कुमार शर्मा तथा राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल, सतीश कुमार, सुरेन्द्र सिंह स्वामी रूपेन्द्र महाराज, राज्य मंत्री विनोद आर्य, विधायक आदेश चैहान, अश्विनी महाजन, पूर्व मंत्री मोहन सिंह गांववासी, कृष्णकुमार शर्मा, डाॅ. भगवती प्रसाद, सरोज मित्रा, राजकुमार चतुर्वेदी, आन्दा शंकर, शीला भारतीय, अलका सैनी, बलराज सिंह, कमलजीत सिंह सहित विभिन्न राज्यों से आये प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किय
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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