हरिद्वार। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के बीच बनी सुविधाओं की दुरियों को कम करने के लक्ष्य के साथ सम्बद्वा केन्द्र उत्तराखण्ड के सभी न्यायपंचायत तक पहुचेगी। ग्रामों में रहने वाले लोगों को शहरी सुविधाएं संबद्धा ग्लोबल सामाजिक उद्यम स्टार्टअप कार्य कर रही है। इस सम्बन्ध मे केन्द्र की ओर आदित्य नागर एवं ग्लोबल संस्था के संस्थापक नारायणन राजगोपालन ने शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए की ओर से पत्रकारवार्ता में विस्तार योजनाओं की जानकारी दी। नारायणन राज गोपालन ने बताया कि पूरे राज्य में 650 केंद्र खोले जाएंगे। जिनके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ रोजगार सृजन भी किया जाएगा। केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को मंच प्रदान किया जाएगा। संबद्धा केंद्रों का प्रबंधन फ्रेंचाइजी और कंपनी के स्वामित्व वाले मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। केंद्रों के जरिए विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए 3000 से अधिक कुशल कार्य बल तैयार करेंगे। ताकि बिक्री कर्मियांे इससे रोजगार दिया जा सके। यह केंद्र गाँव व माइक्रोटाउन स्तर के उद्यमियों को उद्यमिता के अवसर प्रदान करेंगे। जो अपनेक्षेत्रों मे ंइन केंद्रों को स्थापित कर सकते हैं और इसे सेवा प्रदाता के रूप में संचालित कर सकते हैं। केंद्र वित्तीय सेवाओं से लेकर स्वास्थ्य सेवा, एफएमसीजी, उपभोक्ता सामान, कृषि उत्पादों, शैक्षिक सेवाएं ग्रामीण आबादी तक उपलब्ध कराएंगे। ये केंद्र ग्रामीणों के लिए एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य करेंगे। जो उन्हें शिक्षा, पोषक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य बुनियादी ग्रामीण आवश्यकताओं के साथ बहुत सस्ती कीमत पर प्रदान करेंगे। “संबद्धा केंद्रों का दर्शन न केवल ग्रामीण आबादी को उत्पाद और सेवाएं प्रदान करना है। बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता से लेकर लाखो ंयुवाओं तक रोजगार के लिए समग्र विकास प्रदान करना है। उन्होंने आगे कहा कि सितंबर में लक्सर में पहली बार संबद्धा केंद्र लॉन्च किया गया था, हमारी योजना उत्तराखंड में ग्रामीण आबादी को और सशक्त बनाने के लिए 650 और केंद्रों को शामिल करने की है। प्रैसवार्ता के दौरान आदित्य नागर भी मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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