हरिद्वार। अपर मेलाधिकारी कुंभ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाए जा रहे चार पुलों का निरीक्षण किया। बस्तीराम पाठशाला के निकट बन रहे पुल के आयरन सेंपल वेरिटास कंपनी को लेने को कहा। जबकि श्मशान घाट के बगल में बन रहे पुल की कार्य गति धीमी होने पर संबंधित सहायक अभियंता को चेतावनी दी। विश्व कल्याण आश्रम के पास बन रहे पुल के कार्य पर संतोष जताया गया। यहां लैब जल्द से जल्द स्थापित करने को कहा गया। सहायक अभियंता संजीव सैनी ने आश्वासन दिया कि यथाशीघ्र लैब बन जाएगी तथा कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। मातृसदन के पास बन रहे पुल पर साइट का काम होता पाया गया। वेल फाउंडेशन के काम अंतिम चरण में है। यहां योजना का बोर्ड साइड पर नहीं लगे होने के कारण अपर मेलाधिकारी ने नाराजगी जताई। साथ ही मौके पर काम कर रहे श्रमिकों के टूटे हेलमेट पर साइट इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के वेलफेयर को भी मानक के अनुसार सुनिश्चित करें। निरीक्षण के समय मेला तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता हरीश पांगती ने भी तकनीकी निर्देश दिए। उनके साथ पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अनिता भण्डारी व पीसी पुरोहित सहित ऐजेंसी के ठेकेदार भी मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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