हरिद्वार। प्रशासन की ओर से 250 लोगों को राशन के पैकेट दिए गये। तहसीलदार की ओर जारी आॅकड़ों के अनुसार अब तक 2323 व्यक्तियों का चिन्हिकरण किया गया है,जिसे प्रशासन की ओर से राशन के पैकेट उपलब्ध कराना है। शनिवार को तहसील प्रशासन की ओर से 1093 लोगों का चिन्हिकरण किया गया,जबकि 250 लोगों को पैकेट दिए गए। शासन के निर्देश के बाद लॉकडाउन के दौरान शहर में रहने वाले ऐसे लोगों में खाद्य सामग्री की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार के आदेश पर खाद्य आपूर्ति विभाग ने जरूरत के राशन के पैकेट तैयार कराने शुरू कर दिये हैं। रविवार शाम से इन पैकेटों का वितरण जरूरतमंद लोगों के बीच करना शुरू कर दिया जायेगा। इस खाद्य सामग्री के लिए किसी भी जरूरतमंद से कोई पैसा नहीं लिया जायेगा। जिन लोगों के पास राशन कार्ड हैं वे तो सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन ले रहे हैं लेकिन हरिद्वार में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जिनके पार राशन कार्ड नहीं है लेकिन वे शहर की झुग्गी झोंपड़ियों, मलिन बस्तियों और अन्य इलाकों में निवास करते हैं। ऐसे लोग भूखे न सोयें इसके लिए रविवार से जिला पूर्ति विभाग जरूरत की खाद्य सामग्री के पैकेट बना कर वितरण शुरू करने जा रहा है। इसके साथ यह राशन उन लोगों को भी वितरित किया जायेगा जो बाहर से आकर हरिद्वार में फंस गये हैं और उनके पास भोजन बनाने की व्यवस्था है। खाद्य सामग्री वितरण के लिए प्रशासन ने मंडी समिति के सचिवों के नेतृत्व में टीमें तैयार की गई हैं। राशन वितरण के लिए नगर निगम, नगर पालिका और राशन विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। राशन बांटने की यह व्यवस्था शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि एक पैकेट में 5 किलो आटा, 3 किलो चावल, 1 किलो चीनी, 1 किलों रिफाइंड, 1 किलो नमक, 100-100 ग्राम मसाले के पैकेट तैयार कराये जा रहे हैं। तैयार पैकेटों के वितरण में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए अधिकारियों को लगाया गया है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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