हरिद्वार। राशनकार्ड विहीन लोगों के लिए एक बार फिर दो जून की रोटी का संकट पैदा हो गया है। इन परिवारों को मिली राशन किट समाप्त हो चुकी है। अब लोग दोबारा राशन का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन को शासन से अब तक दोबारा किट बांटने के निर्देश नहीं मिले हैं। हरिद्वार में ऐसे हजारों परिवार हैं, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। इनमें अधिकांश लोग मलिन बस्तियों और झुग्गी झोपडियों में रहते हैं। लॉकडाउन के चलते रोजगार समाप्त होने से इन लोगों के लिए संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में सरकार ने इन लोगों के लिए राशन किट की व्यवस्था की थी। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन प्रशासन ने एक बार राशन किट बांटकर दोबारा इन क्षेत्रों का रुख नहीं किया। बड़े परिवारों में महज सप्ताहभर में राशन किट समाप्त हो गई। अब यह इलाके एक बार फिर लॉकडाउन के शुरुआती दौर की परेशानी से जूझ रहे हैं। चैक बाजार के पार्षद सचिन अग्रवाल ने बताया कि उनके वार्ड में मलिन बस्तियां में 271 लोगों को एक बार राशन किट मिली थी। अब दो दिनों से लोगों के घरों में राशन नहीं है। कई घरों में महज चार-पांच दिनों में राशन समाप्त हो गया। अब इन लोगों के लिए पेट भरने का संकट है। सचिन ने बताया कि जब उन्होंने मामले की जानकारी एसडीएम हरिद्वार को दी तो उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से अब तक दोबरा राशन बांटने के निर्देश नहीं मिले हैं। पार्षद ने बताया कि उन्होंने फिलहाल एक दो दिन का राशन लोगों को मुहैया कराया है। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी कुश्म चैहान का कहना है कि चिन्हित लाभार्थियों को एक बार राशन किट बांटी गई थी। शासन की ओर से अब तक दोबारा राशन किट बांटने के निर्देश नहीं मिले हैं। आदेश मिलने के बाद दोबारा वितरण कार्य किया जाएगा।
हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।
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