हरिद्वार। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय और नोडल अधिकारियों की एक बैठक आज कैम्प कार्यालय रोशनाबाद में ली। बैठक में कोविड केयर सेंटरों के साथ-साथ जल्द ही पेड कोविड केयर तथा महिला कोविड केयर स्थापित किये जाने पर विचार किया गया। डीएम ने सभी कोविड केयर सेंटर को सुव्यवस्थित रखे जाने की अपनी जिम्मेदारी सभी समन्वय करते हुए पूरी करें। सेंटरों की व्यवस्था को लेकर कोई भी टालमटोल नहीं चलेगी। डीएम ने कोविड केयर की व्यवस्था में लगे अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह व्यवस्था अपना ली जाये कि हर दिन अगले दिन के लिए 100 बैड अनिवार्य रूप् से निर्धारित होटल या संस्थाओं को जोड़ते हुए तैयार रखने हैं। इन सौ बेड के लिए लगाये जाने वाले स्टाफ, सुरक्षा कर्मी चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मी आदि का निर्धारण भी एक दिन पहले ही करना होगा। कोविड केयर संेटर में मरीजों के आने के बाद की जाने वाली आवश्यक व्यवस्थाओं के तरीके को बदलना है, ये तैयारियां मरीज पहुंचने से पूर्व रखनी हैं। चिन्हित होटल स्वामी, कर्मी स्टाफ को भी कोविड केयर सेंटर संचालन की एसओपी केु अनुसार चिकित्सा विभाग एसडीएआरएफ के सहयोग से प्रशिक्षण देना सुनिश्चित करे। आयुष मंत्रालय से प्राप्त प्रतिदिन पिलाये जाने वाले काढ़े की प्र्याप्त उपलब्धता के लिए काढ़ा किट क्रय कर ली जाये। सभी कोविड केयर सेंटर में जिन कार्मिकों के लिए सुरक्षा किट अनिवार्य है अवश्यक उपलब्ध करायी जाये, इसके लिए प्र्याप्त किट का स्टाॅक रखें। कोविड केयर सेंटर में मरीजों का हाल जानने के लिए नियमित रूप् से फीड बैक फार्म मरीजों से भरवाकर वाॅट्स्प पर उपलब्ध कराया जाये। मरीजों और कोविड केयर सेंटरों के फाॅलोअप विधि को अच्छी प्रकार से किया जाये। इसके लिए प्रत्येक सेंटर में अचानक जाकर मरीजों से व्यवस्थाओं की स्थिति के बारे में पूछा जायेगा। मरीजों से भोजन, पानी, काढ़ा आदि अन्य सुविधाओं जिन बिंदुओं पर फीड बैक लिया जायेगा इसका फाॅर्मेट भी भर्ती किये जाने के समय मरीजों को दिया जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन संस्थाओं में मूलभूत सुविधायें अच्छी अवस्था में हो वहीं सेंटर स्थापित किये जायें। प्रत्येक कक्ष में मरीजों के लिए हैल्पलाइन नम्बर तथा क्या करें क्या करें की जानकारी चस्पा की जाये। लक्षण दिखने पर मरीजों को तुरंत डडिकेटड चिकित्सालयों को रेफर करें। यह पूर्ण विवरण प्रतिदिन उपलब्ध कराना होगा कि कितने लोगों की रिपोर्ट आयी, पॅाजिटिव आने पर कितने समय में शिफ्ट कर दिया गया। प्रवेश करने के समय में ही मरीजों को सुरक्षा किट जिसमें साबुन, सेनेटाइजर अन्य सामग्री होती है उपलब्ध करायी जाये। कोविड केयर सेंटरों के वेस्ट मेनेजमेंट और सेनेटाइजेशन का उचित प्रबध किया जाये।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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