हरिद्वार। नगर कांग्रेस कमेटी ज्वालापुर के अध्यक्ष यशवंत सिंह सैनी ने मुख्य नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर अखाड़ों के पेशवाई मार्ग को ठीक कराने की मांग की है। ज्ञापन में यशवंत सिंह सैनी ने बताया कि प्राचीन समय से कुंभ मेले के दौरान ज्वालापुर के पाण्डेवाला स्थित गुघाल मंदिर से जूना अखाड़े के संतों की पेशवाई निकलती है। पेश्वाई गुघाल मंदिर से शुरू होकर पांवधोई, पुरानी सब्जी मण्डी, चैकबाजार, मेन मार्केट, आर्यनगर से होते हुए हरकी पहुंचती है। वर्तमान में पूरे पेशवाई मार्ग की हालात बेहद खराब है। कुंभ मेला शुरू होने में समय कम रह गया है। इसलिए संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तत्काल मार्ग को दुरूस्त कराया जाना चाहिए। महानगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि कुंभ मेले दौरान गुघाल मंदिर से निकलने वाली सबसे पहली पेशवाई में बड़ी संख्या में नागा संत व श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। लेकिन विकास कार्य समय पर पूरे नहीं होने की वजह से ज्वालापुर से लेकर हरकी पैड़ी तक सड़क की हालत बेहद खराब है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो सड़क की खराब हालत की वजह से संतों व श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसलिए तत्काल सड़क की दशा सुधारने के लिए कदम उठाए जाएं। भेल कर्मचारी नेता राजवीर सिंह चैहान व कैलाश प्रधान ने कहा कि रानीपुर विधानसभा को कुंभ क्षेत्र में शामिल कर कुंभ निधि से विकास कार्य कराए जाएं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक विकास कार्यो के प्रति पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। कुंभ मेला नजदीक है। लेकिन विधायक पेशवाई मार्ग की सुध तक नहीं ले रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में रवि कश्यप, शैलेंद्र सिंह, गुलबीर चैधरी, जटाशंकर श्रीवास्तव, जगत सिंह रावत, मनोज यादव, संतोष पाण्डे, प्रमोद धीमान, विजय सिंह सैनी, वेदपाल तेजियान, प्रवीण मिश्रा व सुबोध बंसल शामिल रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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