हरिद्वार। आनन्द पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने भूपतवाला स्थित अखण्ड परमधाम पहुंचकर युग पुरूष स्वामी परमानन्द गिरी महाराज से भेंटवार्ता कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने पांच अगस्त को होने राम मन्दिर पूजन के विषय पर चर्चा की। स्वामी बालकानन्द गिरी महाराज ने कहा कि पूज्य गुरूदेव युग पुरूष स्वामी परमानन्द महाराज ने श्रीराम मन्दिर के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी। संतों के आशीर्वाद व मां गंगा की कृपा से आज वह सुनहरा अवसर आया है कि अयोध्या में भव्य श्रीराम का मंदिर जल्द स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त को अयोध्या में होने वाले श्रीराम जन्म भूमि पूजन में पूज्य गुरूदेव युग पुरूष स्वामी परमानन्द गिरी सम्मिलित होंगे। देश के समस्त संत समाज का स्नेह व करोड़ों हिन्दुओं की आस्था व भावना पूज्य गुरूदेव के साथ जुड़ी है। प्रभु श्रीराम करोड़ों हिन्दुओं की आस्था का केंद्र हैं और सनातन धर्म के संवाहक हैं। संतों व सनातन धर्मियों के अथक प्रयास व लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मन्दिर बनने का मार्ग प्रशस्त हो पाया है। पांच अगस्त को मन्दिर निर्माण के लिए होन वाले पूजन को लेकर संतों व हिन्दू समाज में उत्साह व हर्ष का माहौल है। युग पुरूष स्वामी परमानन्द गिरी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में विराजमान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तत्वावधान और संत महापुरूषों के सानिध्य में श्रीराम जन्म भूमि पूजन से मंदिर के लिए प्राण न्यौछावर रामभक्तों के परिवारों सहित करोड़ों हिन्दुओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने सभी देशवासियों से अपील की कि राममंदिर निर्माण पूजन के दिन प्रत्येक भारतवासी अपने घर में पांच दिए अवश्य जलाए। ताकि दीपक से निकलने वाली रोशनी से पूरा देश जगमगाए। श्रीराम मंदिर भूमि पूजन से पूरे विश्व में एक संदेश जाए। इस दौरान म.म.स्वामी ज्योर्तिमयानन्द गिरी, म.म.साध्वी दिव्य चेतनानन्द गिरी, स्वामी नत्थीनंद गिरी, आचार्य मनीष जोशी, महंत विकास गिरी, स्वामी मोनू गिरी आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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