हरिद्वार। श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि देवों के देव महादेव भगवान शिव ध्यान और ज्ञान का प्रतीक हैं। जो भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न होकर उनके सभी मनोरथ पूरे करते हैं। जो श्रद्धालु भक्त श्रावण मास में विधि विधान से महादेव की आराधना करता है। उसके सभी कष्टों का निवारण भगवान शिव स्वयं करते हैं। मंगलवार को यूपी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल व विजय कुमार कश्यप ने श्री दक्षिण काली मंदिर में स्वामी कैलाशानंद महाराज के सानिध्य में भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे सावन चलने वाली विशेष शिव आराधना के दौरान विभिन्न प्रकार के दुर्लभ फूलों द्वारा भगवान शिव का श्रंग्रार कर रूद्राभिषेक करते हुए स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि देवों के देव महादेव भगवान शिव सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति हैं और अनादि सृष्टि प्रक्रिया के आदि स्रोत हैं। जो व्यक्ति भगवान भोलेनाथ की शरण में आ जाता है। उसका जीवन स्वयं ही सफल हो जाता है। भगवान शिव मनुष्य के कर्मो को भलीभांति निरीक्षण कर उसे वैसा ही फल प्रदान करते हैं। भगवान शिव निराकार परमात्मा हैं। जो भक्तों की मंशा जानकर उनके सभी बिगड़े कार्य बनाते हैं। भगवान शिव की आराधना सदैव कल्याणकारी और भौतिक सुखों को प्रदान करने वाली है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के रूद्राभिषेक से पातक एवं महापातक कर्म भी जलकर भस्म हो जाते हैं। साधक में शिवत्व का उदय होता है। साधक के सभी मनोरथ पूरे होते हैं। भगवान शिव व भगवती का सम्मिलित रूप से पूजन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति है। भगवान शिव एक मात्र ऐसे देव हैं जो मात्र जलाभिषेक से ही प्रसन्न होकर भक्त की सभी इच्छाएं पूर्ण कर देते हैं। मंत्री कपिल देव अग्रवाल व विजय कुमार कश्यप ने कहा कि वह सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें गंगा तट पर महादेव का अभिषेक करने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि संतों के सानिध्य में ही व्यक्ति ईश्वर की प्राप्ति कर सकता है। स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज द्वारा की जा रही कठोर साधना से अवश्य ही देश व प्रदेश उन्नति की ओर अग्रसर होगा। इस अवसर पर आचार्य पवनदत्त मिश्र, स्वामी अनुरागी महाराज, पंडित प्रमोद पाण्डे, बालमुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, अंकुश शुक्ला, सागर ओझा, अनुज दुबे, अनुराग वाजपेयी, पंडित शिवकुमार, कृष्णा शर्मा आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
Comments
Post a Comment