हरिद्वार। उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है,पहले इसे आत्महत्या कहा जा रहा था,लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि प्रोजेक्ट मैनेजर ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या हुई है। पुलिस के शक की सुई परिवार के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। बहुत जल्द इस मामले का पर्दाफाश होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। गौरतलब है कि उत्तरी हरिद्वार से लालतप्पड के बीच फोरलेन निर्माण का कार्य संभाल रहे हाथरस उत्तर प्रदेश निवासी अमरदीप चैहान की 23 जुलाई को ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जूर्स कंट्री के फ्लैट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अमरदीप यहां हरिद्वार ज्वालापुर जुर्स कंट्री में अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी कि अमरदीप चैहान ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस के मुताबिक सूचना मिलते ही ज्वालापुर पुलिस मौके पर पहुंची तो अमरदीप का शव एक कमरे में पड़ा हुआ था। पूछताछ में पत्नी ने यह दावा किया था कि रात में उनका अपने पति से विवाद हुआ था। इसीलिए पति ने आत्महत्या की है, लेकिन चूंकि अमरदीप का शव नीचे फर्श पर पड़ा मिला था। इसलिए यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। सोमवार को रिपोर्ट मिलने पर सामने आया कि अमरदीप की मौत दम घुटने से हुई है। गले में कुछ निशान भी मिले थे, जिससे पुलिस को शक हो गया है कि अमरदीप का गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। इससे एक रात पहले अमरदीप का झगड़ा भी हुआ था। पुलिस को किसी परिचित और सगे संबंधियों पर ही शक है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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