हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशकर ने जिले में कोरोना की रोकथाम के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया अनुसार सुरक्षात्मक उपायों तथा डेंगू को लेकर समस्त नगर निकायों, तहसीलों, स्वास्थ्य विभाग, नोडल अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आज कलेक्ट्रेट सभागार में ली। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निकाय डेंगू के मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ायें। जिन निकाय क्षेत्रों में डेंगू मामले नहीं आ रहे वहां भी कोई ढीलाई दवा छिड़काव और लार्वा निरीक्षण अभियान में न बरती जाये। उन्होने हरिद्वार निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की कंस्ट्रक्शन साइटों पर कार्यदायी संस्थाओं को जलभराव वाले स्थानों पर नियमित लार्वा नष्टीकरण तथा दवा छिड़काव,फाॅगिंग कराने के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि मलेरिया अधिकारी की निगरानी में डेंगू पाॅजिटिव पाये गये क्षेत्रों में न केवल क्षेत्रवार बल्कि व्यक्तिवार सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाये कि पाजिटिव व्यक्ति के परिवार, मोहल्ला आादि में कितने लोग प्रभावित हैं, कितने लोग पूर्व से बीमारी ग्रसित हैं। घर, मोहल्ला और क्षेत्र में व्यापक डेंगू निरीक्षण कर छिड़काव किया जाये। परिवार के बच्चों, बुजर्गो, बीमार व्यक्तियों का प्राथमिकता के आधार पर निगरानी तथा उपचार दिया जाये। सभी मौहल्लों में स्वच्छता समिति को सक्रिय कर इनके माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधयों को सूचना दी जाये। जिले के सभी अधिकारी अपने कार्यालय का डेंगू निरीक्षण सम्बधी प्रमाण पत्र प्रत्येक माह की एक और पंद्रह तारीख को अनिवार्य रूप से देंगे। जिलाधिकारी ने कोरोना के सम्बंध में समस्त नोडल अधिकारियों को दी गयी एसओपी और दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए कार्य करने के निर्देश दिये। किसी भी निर्देश की अनदेखी पाये जाने पर सम्बंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। विशेषकर कोरोना और डेंगू के बारे में किसी भी प्रकार की समस्या और शिकायत संज्ञान में आते ही उसका निस्तारण और सुधार तत्काल किया जाये। प्राइवेट कोरोनो टेस्टिंग लैब तथा फ्लू क्लिनिकों द्वारा अधूरी सूचना तथा सूचना छिपाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्रवाई करते हुए तत्काल अवगत करायें। कोविड केयर सेंटर में दिये जा रहे खाने की गुणवत्ता, सफाई और सेनेटाइजेशन में गिरावट न हो और ध्यान रखा जाये कि व्यवस्था मरीजों के लिए संतोषजनक हो। दिया जाने वाला खाद्य पदार्थ गुणत्तापूर्ण ढंग से बना हो और खाना ठंडा न दिया जाये। कंटेनमेंट जोन निर्धारण में भी तत्परता बरती जाये। जोन सीमा निर्धारण में प्रभावी रणनीति अपनायी जाये। स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों और औचित्यपूर्ण ढंग से कंटेनमेंट जोन का निर्धारण न किया जाये। जोन के बारे में पब्लिक एनांउसमेंट की व्यवस्था, हेल्प डेस्क, बैरीकेटिंग और सेनेटाइजेशन समय पर कर लिया जाये। डीएम ने होम क्वारंटीन के उल्लघंन के मामलो में मुकदमा दर्ज कराने में तेजी लाने तथा किसी भी व्यक्ति द्वारा होम क्वारंटीन का उल्लघंन पाये जाने पर कार्रवाई अनिवार्य रूप से किये जाने के भी निर्देश दिये । होम क्वरंटीन एसओपी का पूर्ण अुनपालन किया जाये। बैठक में ज्वांइट मजिस्ट्रेट रूड़की श्रीमती नमामि बंसल, मुख्य चिकित्साधिकारी एसके झा, सुरजीत सिंह पंवार, एसडीएम गोपाल चैहान, डिप्टी कलेक्टर शैलेंद्र सिंह नेगी, मुख्य शिक्षााधिकारी आनंद भारद्वाज, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एचडी शाक्य, मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव सहित समस्त नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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