हरिद्वार। जनपद में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्रतार धीमी गति से जारी है। शनिवार को कोरोना वायरस के 27 नये संक्रमित मरीजों की पहचान की गयी। इसके साथ ही जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर अब 10084 हो गई है। दूसरी ओर दस हजार से अधिक सैंपल की जांच रिर्पोट का इंतजार है। जबकि जनपद में एक्टिव कंटेंनमेंट जोनों की संख्या घटकर 04 पर आ गयी हैं। शनिवार को जनपद से 2631 लोंगो के सैंपल कोविड जांच के लिए भेजे गये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार शनिवार को 04 कोरोना के मरीजों के स्वस्थ होने पर उन्हे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। हलांकि अभी भी 10501 लोगों के सैंपल की जांच रिर्पोट का इंतजार है। जनपद के विभिन्न कोविड केयर सेंटर में 78 कोरोना संक्रमित भर्ती हैं, जिनका उपचार जारी है। शनिवार को 2631 लोगों के सैंपल कोविड 19 जांच के लिए भेजे गये। जनपद से अब तक 166396 लोगों के सैंपल लिये जा चुके है। जिनमें से 155873 सैंपल की रिर्पोट आ चुकी है। अभी भी 10501 लोगों की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। फिलहाल जनपद में कटेनमेंट जोन की संख्या घटकर 04 हो गयी है। शनिवार को हरिद्वार शहरी क्षेत्र से 12, बहादराबाद क्षेत्र से 10,रूड़की से 3 लोगों के पाॅजिटिव की पहचान के अलावा अन्य राज्यों के 2 लोगों की पहचान पाॅजिटिव के रूप में की गई।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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