हरिद्वार। काॅरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजना के अन्तर्गत बीएचईएल हरिद्वार ने महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना के अंतर्गत बीएचईएल द्वारा हरिद्वार के कॉलेजों और महिला छात्रावासों में सैनीटरी नैपकीन वेंडिंग मशीन तथा इनसिनरेटर मशीन लगाने हेतु वित्तीय मदद दी जाएगी। जिलाधिकारी सी.रविशंकर तथा बीएचईएल के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी की उपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर एवं भेल हरिद्वार के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) आर.आर.शर्मा ने इस समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये। डीएम सी.रविशंकर ने महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति समर्पित बीएचईएल के इस प्रयास की सराहना की। भेल के कार्यपालक निदेशक संजय गुलाटी ने इस तरह के सामाजिक कार्यों के लिए भेल द्वारा समय-समय पर सहयोग प्रदान करने की बात कही। प्रोजेक्ट के तहत जिले के कुल 59 कॉलेजों और महिला छात्रावासों में सैनीटरी नैपकीन वेंडिंग मशीन तथा इनसिनरेटर्स लगाए जाएंगे। करीब 52 लाख रूपए की लागत वाली इस परियोजना को अगले वर्ष मार्च तक पूरा किया जाना है। इस अवसर पर सीएसआर विभाग के संयोजक जे.बी.सिंह सहित भेल तथा जिला प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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