हरिद्वार। भेल का निजीकरण किए जाने के प्रयासों के विरोध में प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चैधरी ने नंगे पांव भेल की परिक्रमा कर सत्याग्रह किया। फाउंड्री गेट से शुरू हुई सत्याग्रह परिक्रमा वापस फाउंड्री गेट पर संपन हुई। इस अवसर पर संजीव चैधरी ने कहा कि भेल भारत की शान है। महारत्न कंपनियों में शुमार भेल हरिद्वार की आत्मा में बसता है। यदि भेल का निजीकरण किया गया तो वे किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। निजीकरण के प्रयासों के तहत हमेशा लाभ में रहने वाले भेल को काम देने के बजाए निजी कंपनियों को काम दिया जा रहा है। निजीकरण के प्रयासें के तहत बैरियरों से सीआईएसएफ के जवानो को भी हटा लिया गया है। जिससे स्पष्ट है कि भेल को बेचने की तैयारी चल रही है। हजारों परिवारो की आजीविका और भावनाएं भेल के साथ जुड़ी हुई है। चैधरी ने कहा कि बहुत गौरव की बात है की भेल हरिद्वार शहर में है। उन्होंने प्रधानमंत्री मांग करते हुए कहा कि लाखों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए भेल का निजीकरण ना किया जाए। भेल की प्रगति के लिए काम दिया जाए। चैधरी ने कहा कि निजीकरण देश के लिए अच्छा नहीं है। इससे आने वाले समय में देश को आर्थिक नुकसान झेलना होगा। सुरेश मखीजा, अरविन्द चैधरी, संजीव कुमार, विभास सिन्हा, अशोक उपाध्याय, जतिन हांडा, राजू ठाकुर, दिनेश धीमान व हेमंत कश्यप आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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