हरिद्वार। हरकी पैड़ी में बह रही गंगा को एस्केप चैनल बताए जाने वाले शासनादेश को निरस्त कराने की मांग को लेकर जारी आंदोलन 40वें दिन भी जारी रहा। हर की पैड़ी पर चल रहे तीर्थ-पुरोहितों के धरने को शुक्रवार को 40 दिन पूरे हो गए। तीर्थ-पुरोहितों ने कहा कि जब तक गंगा को खोया हुआ सम्मान वापस नहीं मिलता है, तब तक धरना जारी रहेगा। हरकी पैड़ी पर चल रहे धरने पर शुक्रवार को आकाश पंचैली और अनिल कौशिक उपवास पर रहे। सौरभ सिखौला ने कहा कि तीर्थ-पुरोहित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के उस बयान का सम्मान करते हैं, जिसमें उन्होंने गंगा को एस्केप चैनल बताए जाने वाले शासनादेश को निरस्त कराने के लिए सरकार से बातचीत करने की बात कही है। वहीं, इससे धरना दे रहे तीर्थ-पुरोहितों का मनोबल बढ़ा है। इस मौके पर विमल कौशिक, प्रदीप निगारे, पुरुषोत्तम, उमाशंकर वशिष्ठ, अभिषेक वशिष्ठ, सिद्धार्थ त्रिपाठी, आदित्य वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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