हरिद्वार। गत दिनों पालघर महाराष्ट्र में संतो की हत्या तथा गौहत्या जैसे संवेदनशील विषय पर प्रख्यात सिने अभिनेता पुनीत इस्सर तथा उनके पुत्र सिद्वान्त इस्सर ने एक फिल्म संहार-द-नरसंहार बनाने की घोषणा की है। इस फिल्म का शीर्षक गीत तथा पोस्टर गत दिवस दिल्ली में रिलीज किया गया। इस अवसर पर जूना अखाड़े के आचार्य महामण्डलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेन्द्र गिरि महाराज, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि महाराज, श्रीमहंत परमानंद सरस्वती,जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सभापति श्रीमहंत प्रेमगिरि, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि, श्रीमहंत महेश गिरि महाराज ने संयुक्त रूप से फिल्म के पोस्टर का अनावरण किया तथा शीर्षक गीत रिलीज किया। फिल्म के लेखक तथा निर्देशक सिंद्वांत इस्सर ने बताया इस फिल्म के माध्यम से संतो की माॅबलिचिंग तथा गौहत्या जैसे संवदेनशील मुदद्ों के सत्य को उजागर करने का प्रयास किया गया है। श्रीमहंत नारायण गिरि ने कहा कि इस फिल्म से पालघर की नृशंस घटना से परदा हट जायेगा और सत्यता सामने आएगी। उन्होने कहा पूरे देश में माॅवलिचिंग की घटनाएं मानव संवदेनाओं को झकझोर रही है। इन घटनाओं के पीछे की सत्यता समाज के सामने आनी चाहिए। श्रीमहंत हरिगिरि महाराज ने फिल्म निर्माता पुनीत इस्सर,उनके पुत्र सिंद्वात इस्सर तथा पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा ऐसे संवेदनशील विषय पर फिल्म बनाना अत्यन्त साहस और दृढ निश्चय का परिचायक है। उन्होने फिल्म के सफल होने की कामना करते हुए कहा कि निश्चय ही यह फिल्म माॅब लिचिंग नरसंहार जैसी विभत्स घटनाओं की सत्यता समाज के सामने लाएगी।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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