हरिद्वार। स्पर्श गंगा कार्यालय में स्पर्श गंगा परिवार की ओर से दिव्यांगों की मदद के लिए समाज को प्रेरित करने के उद्देश्य से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान दिव्यांगों को निःशुल्क व्हील चेयर भी वितरित की गयी। गोष्ठी को संबोधित करते हुए रीता चमोली ने कहा कि दिव्यांग बच्चों की मदद के लिए सभी को आगे आना चाहिए। दिव्यांगता अभिशाप नहीं है। दिव्यांग जनों ने कई अहम मुकाम हासिल कर समाज को प्रेरणा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि संकल्प शक्ति की बदौलत कई दिव्यांग प्रशासनिक सेवा, सामाजिक सेवा व सहित तमाम क्षेत्रों में उच्च पदों को सुशोभित कर रहे हैं। प्यार व विश्वास जताने पर दिव्यांग बच्चे भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मनु रावत ने कहा कि दिव्यांग बच्चे भी समाज का अहम अंग है। दिव्यांग बच्चों की सेवा करना ईश्वर पूजा के समान है। दिव्यांग बच्चों में अपार प्रतिभा छिपी हुई है। आवश्यकता उनके प्रति विश्वास जताते हुए प्रतिभा को बाहर लाने की है। गोष्ठी में मनप्रीत, रेणु शर्मा, अंशु, शीतल, रजनीश, रूबी ने विचार रखते हुए सभी को दिव्यांग बच्चों की सेवा के लिए आगे आने की अपील की।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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