हरिद्वार। अपनी मांगो को लेकर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टरों ने 12 घंटे भूख हड़ताल करते हुए ड्यूटी की। पिछले दिनों से लम्ब्ति कई मांगों को लेकर स्टेशन मास्टर अलग-अलग रूप में आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को मांगों को लेकर स्टेशन मास्टरों ने 12 घंटे तक ड्यूटी के साथ ही ऑफ ड्यूटी पर भी भूखे रहकर विरोध किया। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के उत्तर रेलवे जोनल अध्यक्ष जीएस परिहार ने कहा कि नाइट ड्यूटी सीलिंग लिमिट रुपरु 43600 का आदेश रद्द किया जाए। एक जुलाई 2017 से रिकवरी के आदेश को वापस लिया जाए। ओपन लाइन स्टाफ को 50 लाख का जीवन बीमा दिया जाना चाहिए। रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण को बंद किया जाए। उन्होंने बताया कि नाइट ड्यूटी एलाउंस सीलिंग लिमिट 43600 नाइट ड्यूटी की गणना करने के लिए अब बेसिक पे 43600 के आधार पर ही की जाएगी। अन्य दो मांगों को लेकर इसके विरोध में देशभर के 35000 स्टेशन मास्टरों ने भूख हड़ताल की। लगातार आंदोलन करने के बावजूद रेलवे प्रशासन अभी भी स्टेशन मास्टरों के हित मे निर्णय नहीं ले रहा है। अगर जल्द मांग पूरी न की गई तो विरोध का तरीका और भी ज्यादा कठिन हो सकता है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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