हरिद्वार। योगगुरू स्वामी रामदेव ने कहा है कि देश में जिन शहर, गांव और अन्य स्थानों के नाम मुगलों और अंग्रेजों ने साजिशन बदले थे उनके नाम वहीं रखे जाने चाहिए जो पहले से थे। यह नाम केवल मुगलों और अंग्रेजों की भारतीय सभ्यता और संस्कृति को नष्ट करने की साजिश थी। योगगुरू रामदेव ब्रह्मलीन सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि मंदिर का शिलान्यास के समारोह के बाद पत्रकारो से वार्ता कर रहे थे। इस दौरान बाबा रामदेव ने कोरोनिल दवा को कोरोना के लिए बेहद कारगर बताया। उन्होंने कहा कि हमसे कुछ ऐतिहासिक भूलें हुई हैं। जिन्हें सुधारना बहुत जरूरी है। हरिद्वार में योगग्राम के पास एक ओरंगाबाद गांव है। जिस तरह से अयोध्या का नाम फैजाबाद या फिर महाराष्ट्र में शंभाजी नगर का नाम औरंगाबाद किया था। ये सब साजिश का हिस्सा थे। जबकि अयोध्या से फैज का कोई नाता नहीं था और ना ही औरंगाबाद से औरंगजेब का कोई लेना देना था। रामदेव ने कहा कि हैदराबाद से भी हैदर का कभी कोई लेना देना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद का प्राचीन नाम भाग्य नगर ही है और उसका नाम भाग्य नगर ही होना चाहिए।बाबा ने कहा कि कोरोना की रफ्तार फिर तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण त्योहारी सीजन में लोगों की लापरवाही भी रही। लोग ना तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील की। रामदेव ने एक बार फिर से दावा किया कि उनकी कोरोनिल दवा कोरोना के उपचार में बेहद कारगर है। पतंजलि ने कोरोनिल को लेकर डबल्यूएचओ के मानकों को पूरा किया है। आज हम 150 देशों में कोरोनिल दवा को भेज रहे हैं।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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