हरिद्वार। प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई तथा जलागम प्रबन्धन, सतपाल महाराज ने कहा कि किसान अन्नदाता है, जिसका समुचित सम्मान किया जाना चाहिए। किसान चैक का लोकार्पण करना अत्यन्त हर्ष एवं गर्व का विषय है। उन्होंने किसान चैक में स्थापित की गयी किसान प्रतिमा की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रतिमा के एक हाथ में हल व दूसरे हाथ में लालटेन, इस बात का प्रतीक है कि किसान किस प्रकार दिन-रात मेहनत करके अन्न उपजाता है एवं सारे देश को अन्न उपलब्ध कराता है। नगर पंचायत झबरेड़ा द्वारा स्थापित व नव निर्मित ‘‘किसान चैक’ का लोकार्पण करने के बाद अपने संबोधन में उन्होने कहा कि किसान चैक क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जल संबंर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है। पहाड़ी जनपदों में छोटी-छोटी बावड़ी बनाकर जल संवंर्द्धन कर पानी की कमी को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं। नगर पंचायत झबरेड़ा द्वारा किये जा रहे कार्यों में ड्रोन मैपिंग के प्रयोग की सराहना की। सतपाल महाराज ने बताया कि केन्द्र सरकार के प्रयास से जल्द ही भारत में कोरोना की वेक्सीन उपलब्ध होगी। वर्तमान परिस्थिति में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना एवं सोशल डिस्टेंस कायम रखने के साथ ही सरकार द्वारा जारी की जा रही गाईडलाइन का अनुपालन करना जरूरी है। इस दौरान उन्होने वर्ष 2008 में मुम्बई में आतंकवादी हमले (26/11) में शहीद हुए सैनिकों एवं अन्य को श्रद्धा सुमन भी अर्पित किये। कार्यक्रम में नगर पंचायत झबरेड़ा की ओर से समाजसेवी चैधरी कुलबीर सिंह ने मंत्री को शाॅल औढाकर सम्मानित करते हुए उनका आभार प्रकट किया। इस अवसर पर चैधरी कुलबीर सिंह, नगर पंचायत झबरेड़ा अध्यक्ष चैधरी मानवेन्द्र सिंह, सभासद इन्द्रेश मोती, शुभम गोयल, अनुज सैनी, राजपाल कश्यप, शाहरूख, सलमान, मुकेश कश्यप, डा0 सतीन्द्र मित्तल, रोशन वाल्मिकी, अनुज शर्मा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे ।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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