हरिद्वार। कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत ने गुरूवार को विभिन्न आश्रमों में जाकर संतो से मुलाकात कर कुम्भ मेले को लेकर चर्चा की। इस दौरान मेले को लेकर विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई । मेलाधिकारी दीपक रावत ने भूमा निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतनन्द तीर्थ महाराज व दिगम्बर अखाड़े के बाबा हठ योगी व विशनुदास जी महाराज,निर्वाणि अणि के दुर्गा दास,निर्मोही के महंत प्रमोद दास व प्रह्लाद दास सहित बैरागी आणि अखाड़ों के संतों के साथ उनके आश्रम मे जाकर ओपचारिक भेंट की। मेलाधिकारी ने संतों का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया तथा संतों ने भी मेलाधिकारी व साथ आए अपर मेलाधिकारी के साथ अन्य अधिकारियों का शाल ओढा कर व पुष्प माला से स्वागत किया।संतों ने इस दौरान मेलाधिकारी से कुम्भ संबंधी व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दोैरान अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह ,व अपर मेलाधिकारी श्रीराम जी शरण शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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