हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सचिन गुर्जर के संयोजन में ब्लड बैक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिला अध्यक्ष सचिन गुर्जर ने कहा कि भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बंगाल में भाजपा के शहीद हुए कार्यकर्ताओं की याद में रक्तदान सत्याग्रह के रूप में मनाया। उन्होंने कहा कि देश के अमर शहीदों बलिदानों को हमेशा ही याद रखना चाहिएं। रक्तकोष की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सभी को मिलजुल कर प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बंगाल में लगातार षड़यंत्र के तहत भाजपा के कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है। जो कि निदंनीय है। बंगाल में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। सचिन गुज्जर ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को समाजसेवा का प्रण लेते हुए देश की तरक्की में अपना योगदान देना चाहिए। जिला मंत्री क्षितिज गौतम ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है। अन्य लोगों को भी भी प्रेरित करते हुए रक्तदान अवश्य करें। जिला अध्यक्ष सचिन गुर्जर युवाओं को संगठित कर पार्टी हित में अपना योगदान दे रहे हैं। जिला मंत्री संदीप प्रधान ने कहा कि अमर शहीदों के बलिदान से ही देश को आजादी मिली। बंगाल में षड़यंत्र के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। रक्तदान करने वालों में नितिन चैहान, संदीप कुमार, शोभित गुप्ता, हर्षित गर्ग, हर्षित गुप्ता, अर्जुन सिंह, अनुज मामखेड़े, अक्षित त्यागी, बाबूराम मिश्रा, दिनेश पाल, सचिन सैनी, हिमांशु वर्मा, तन्मय शर्मा, अंशुल शर्मा, पंकज चैधरी, भजनलाल विश्नोई, सुशांत शर्मा, अभिषेक शर्मा, कुणाल सचदेवा, प्रदीप त्यागी, चंदकांत पाण्डे, अक्षय सैनी, अभिनव चैहान, गौरव रोतेला आदि शामिल रहे।
हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।
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