हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा है कि कुंभ को लेकर अखाड़ों की रायशुमारी जारी है। उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है कि कुंभ में कथा या प्रवचन नहीं होंगे। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में प्रैस को जारी बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन में कथा व प्रवचन पर रोक नहीं है। केवल इनके लिए टेंट और पंडाल लगाने रोक है। उन्होंने बताया कि अखाड़ा परिषद और अखाड़े इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि कुंभ को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन से उन्हें कोई दिक्कत या परेशानी तो नहीं या फिर उनकी अपनी जरूरतों को पूरा करने में अन्य किसी को दिक्कत या परेशानी तो नहीं है। इस बात पर भी मंथन किया जा रहा है कि कुंभ में देश- विदेश से लाखों करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। जिससे कोरोना या इस जैसी किसी अन्य बीमारी के संक्रमण के फैलने का खतरा तो नहीं है। उन्होंने बताया कि इन सभी बातों पर विचार करने के बाद ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अपना कोई अंतिम फैसला लेगी। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने उम्मीद जताई कि अब तक हरिद्वार कुंभ को लेकर सरकार ने जो भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। उसे अखाड़ों और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्वीकार किया है। इसलिए यदि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अपनी कोई बात रखती है तो सरकार उसे स्वीकार करेगी। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि जनता भ्रम में ना रहे कुंभ तो होकर ही रहेगा, शाही स्नान भी होंगे और पेशवाई भी निकलेगी। हम केवल इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि उसका स्वरूप क्या होगा और सरकारी गाइडलाइन से कोई दिक्कत या परेशानी तो नहीं हैं। इसका फैसला अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की आगामी बैठक में लिया जाएगा। इस दौरान श्रीमहंत रविंद्रपुरी, श्रीमहंत रामरतन गिरी, महंत दिनेश गिरी, महंत राधे गिरी, श्रीमहंत ओमकार गिरी, महंत नरेश गिरि, महंत नीलकंठ गिरी, दिगंबर गंगापुरी आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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