हरिद्वार। संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग से जुड़े कई संगठनों के लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को उन्होंने सभी समस्याओं से अवगत कराया। सीएम ने उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद आज से किए जाने वाले चक्का जाम के निर्णय को मोर्चा ने वापस ले लिया है। रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरिद्वार पहुंचने पर संयुक्त मोर्चा पर्यटन उद्योग से जुड़े टूर ऑपरेटर एसोसिएशन उत्तराखंड,टैक्सी मैक्सी एसोसिएशन, हरिद्वार होटल एसोसिएशन,टेंपो ट्रेवल एसोसिएशन,हरिद्वार ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन, धर्मशाला समिति के सदस्यों ने मुलाकात की। उन्हें बताया कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद यात्री, परिवहन स्वामी, टूर ऑपरेटरों, होटल स्वामियों को बड़ी दिक्कतें हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अभी जिस तरह कुछ समस्याओं का निराकरण किया गया है, उसी तरह प्रकार अन्य समस्याओं का भी निराकरण के लिए उच्चाधिकारियों को आदेश दिए जाएंगे। जिससे यात्रा सुचारू रूप से चल सके। दूरस्थ स्थानों से चारधाम पर आने वालों तीर्थ यात्रियों को कोई दिक्कत न उठानी पड़े। पोर्टल में आ रही विसंगतियां को भी जल्दी दूर कराया जाएगा। आश्वासन के बाद सोमवार को चक्का जाम के लिए गए निर्णय को वापस ले लिया गया। पर अन्य मांगों को सुनवाई होने तक पूर्व घोषित काला पर्यटन दिवस मनाने निर्णय बरकार रखा। सोमवार को पर्यटन कार्यालय पर काले झंडे लेकर प्रदर्शन करेंगे। मुलाकात करने वालों में आशुतोष शर्मा, अभिषेक अहलूवालिया, गिरीश भाटिया, दीपक भल्ला, अंजीत कुमार, विजय शुक्ला, अजय डबराल, अर्जुन सैनी, सुनील सैनी, सुनील जयसवाल, संजय शर्मा, इकबाल सिंह, हरीश भाटिया, देव कैंथुरा आदि शामिल रहे।
हरिद्वार। भाजपा की ओर से ऋषिकेश मेयर,मण्डल अध्यक्ष सहित तीन नेताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में नोटिस जारी किया है। एक सप्ताह के अन्दर नोटिस का जबाव मांगा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासनहीनता के आरोप में ऋषिकेश की मेयर श्रीमती अनिता ममगाईं, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती और पौड़ी के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनबीर सिंह चैहान के अनुसार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में सभी को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्टीकरण लिखित रूप से प्रदेश अध्यक्ष अथवा महामंत्री को देने को कहा गया है।
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