हरिद्वार। हरिराम आर्य इंटर कॉलेज में 24 साल तक अपनी सेवाओं का योगदान देने के बाद श्रीमती पुष्पा देवी आज सेवानिवृत्त हो गयीं। उनके सम्मान में कॉलेज स्टाफ द्वारा एक शानदार विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रधानाचार्य ए.एन. शर्मा सहित संपूर्ण स्टाफ ने उनके सेवाकाल की सराहना करते हुए प्रसन्नता पूर्वक पुष्प सज्जित वाहन मे कॉलेज से घर के लिए प्रस्थान कराया। विदाई समारोह को अध्यक्षीय पद से संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ए. एन. शर्मा ने कहा कि शिक्षण संस्थान की सेवाएं सद्भाव एवं सरलता की प्रेरक होती हैं और श्रीमती पुष्पा देवी ने ढाई दशक का यह कार्यकाल उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड दो प्रदेशों की सरकार में निष्ठा। पूर्वक बिताया, बदलती व्यवस्थाओं में सहजता और समरसता पूर्वक सेवाकाल व्यतीत करना किसी भी सरकारी कर्मचारी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। जिसका कार्यकाल सकुशल संपन्न हो जाए वह साधुवाद और बधाई का पात्र होता है ,उन्होंने समस्त स्टाफ की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर पुष्पा देवी के सुखमय-चिरायु जीवन की कामना की। महादलित परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश बादल ने पुष्पा देवी को उत्तम कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कार्य और व्यवहार ही व्यक्ति के जीवन कौशल की पहचान होती है और किसी भी संस्थान में सेवानिवृत्ति के समय विदाई समारोह का आयोजन उसकी व्यवहार कुशलता का परिचायक होता है। उन्होंने अपने संगठन तथा संपूर्ण समाज की ओर से शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संजय पारचा, शक्ति सिंह महरोल, ममता बादल,अर्पित, गजेंद्र पार्चा, वरुण, अमर सिंह, नितिन पारचा,अरविंद शर्मा, दीपक मिश्रा,पी. के. त्यागी, सरीन कुमार तथा अवकाश प्राप्त प्रवक्ता भंवर सिंह सहित अनेकों गणमान्य नागरिकों ने शुभकामनाएं दीं।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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