हरिद्वार। भारतीय स्वतंत्रता के उपलक्ष्य में राष्ट्र आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधान मंत्री केन्द्र सरकार के नौ मंत्रालयों,विभागों के लगभग सोलह योजनाओंध्कार्यक्रमों के लाभार्थियों के साथ आगामी 31 मई को संवाद करेंगे। इन योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या करोड़ों में है। प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के कुछ लाभार्थियों से भी बातचीत करेंगे। ये सभी योजनाएं जनसंख्या के सबसे गरीब तबके के लोगों से जुड़ी होने की वजह से इस संवाद कार्यक्रम को गरीब कल्याण सम्मेलन का नाम दिया गया है। संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न केवल यह समझना है कि इन योजनाओं ने नागरिकों के जीवन को कितना और कैसे आसान बनाया है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का भी पता लगाना है। यह संवाद कार्यक्रम वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर हेतु भारत के लिए नागरिकों की आकांक्षाओं का आकलन करने का भी अवसर देगा। इस गरीब कल्याण सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश के सभी जिलों में एक साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास, पीने योग्य पानी की उपलब्धता, भोजन, स्वास्थ्य और पोषण, वित्तीय समावेशन आदि के बारे में लाभार्थियों से संवाद स्थापित करेंगे। हरिद्वार में इस कार्यक्रम का आयोजन सांसद हरिद्वार डाॅ0 रमेश पोखरियाल निशंक की गरिमामयी उपस्थिति में बीएचईएल के कन्वेंशन हाॅल में वीडियो काफं्रेंसिंग के माध्यम से प्रातः 10 बजे किया जायेगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम की सभी व्यवस्थायें पूर्ण कर ली गयी हैं। इस कार्यक्रम में समस्त विधायकगणों, मेयर एवं स्थानीय निकायों के अध्यक्ष, समस्त सभासदगण, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,व्यापार मण्डल अध्यक्ष,मेडल प्राप्त विजेता खिलाड़ी,सिडकुल इण्डट्रीज के अध्यक्ष आदि समस्त सम्मानितों को आमंत्रित किया गया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्तर का यह सम्मेलन 31 मई को शिमला में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री सीधे लाभार्थियों के साथ बातचीत करेंगे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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