हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान के मद्देनजर एडीजी लॉ एंड आर्डर वी मुरुगेशन और डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नागन्याल रविवार को हरिद्वार पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए कप्तान डा. योगेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में सोमवती अमावस्या स्नान सम्पन्न कराने के लिए मेला ड्यूटी में नियुक्त जोनल और सेक्टर पुलिस अधिकारियों की बैठक लेते हुए दिशा-निर्देश दिए। एडीजी लॉ एंड आर्डर ने कहा कि सभी जोनल और सेक्टर प्रभारी अपने-अपने जोनल और सेक्टरों में मौजूद रहें। स्नान के लिए हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच चुकी है और स्नान पर्व बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का लगातार आगमन हो रहा है। सभी अधिकारी अपने-अपने प्वाइंट पर प्रत्येक छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखें और अपने उच्चाधिकारियों को सूचनाओं का आदान-प्रदान करते रहें। आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के पश्चात सकुशल उनके गंतव्यों पर रवाना करें। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि एग्जिट हमेशा क्लीयर हो। कोई भी अधिकारी इस स्नान को सामान्य स्नान समझने की भूल न करे। वर्तमान में चारधाम यात्रा चरम पर है, जिस कारण विभिन्न राज्यों से आने वाले लाखों यात्री हरिद्वार से आगमन और प्रस्थान कर रहे हैं। जिस कारण यातायात व्यवस्था सुव्यस्थित बनाया जाना अति आवश्यक है। यातायात मार्ग पर पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल नियुक्त किया जा चुका है। फिर भी जाम वाले स्थानों पर अलग से ध्यान रखा जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास किसी भी प्रकार का वाहन पार्क न कराया जाए। साथ ही कंट्रोल रूम से बराबर मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाए। किसी भी जोन व सेक्टर में लापरवाही पाए जाने पर सम्बन्धित जोनलध्सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी मानते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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