हरिद्वार। श्री हरेराम आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महामण्डलेश्वर स्वामी असंगानन्द महाराज की 50वीं पुण्यतिथी स्वर्ण जयन्ती महोत्सव के रूप में मनायी जाएगी। 5 से 16 जून तक आयोजित किए जा रहे स्वर्ण जयन्ती महोत्सव के दौरान श्रीराम कथा सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव के विषय में जानकारी देते हुए आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कपिलमुनि महाराज ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान 5 जून को महामण्डलेश्वर स्वामी हंसराम महाराज व मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के सानिध्य में यज्ञशाला का उद्घाटन किया जाएगा। 6 जून को परशुराम घाट से आश्रम तक भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा। कलश यात्रा का शुभारंभ महामण्डलेश्वर स्वामी भगवतस्वरूप महाराज करेंगे। 7 जून को काष्र्णि पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी गुरशरणानन्द महाराज व जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द महाराज के सानिध्य में श्रीराम कथा का शुभारंभ होगा। 7 से 15 जून तक प्रख्यात कथा वाचक विजय कौशल महाराज प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का श्रवण कराएंगे। 16 जून को कथा के समापन पर पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज की अध्यक्षता में संत सम्मेलन एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। स्वामी कपिल मुनि महाराज ने बताया कि कार्यक्रम में कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत सहित देश भर के संत महापुरूषों के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज,पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद डा.रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में राजनेता व गणमान्य लोग शामिल रहेंगे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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