हरिद्वार। नगर कोतवाली पुलिस ने जूना अखाड़ा के कोठारी स्वामी महाकाल गिरी पर जानलेवा हमला करने के मामले मे दो आरोपियों को गिरफ्रतार कर लिया,इनमे से एक हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। हमला करने का कारण खुद का संतो द्वारा अपमान करना बताया। बताते चले कि सोमवार की रात्रि को करीब ग्यारह बजे दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जूना अखाड़े के कोठारी महंत महाकाल गिरि डंडों से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर फरार हो गए थे। इस सम्बन्ध मे जूना अखाड़े की ओर से नगर कोतवाली मे मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस उपमहानिरीक्षक,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पुलिस अधीक्षक नगर व क्षेत्राधिकारी नगर के निकट निर्देशन में तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में टीमें बनाकर घटना के बाद के आसपास के सीसीटीवी फुटेज का सघनता से अवलोकन किया गया जिसमें दोनों अभियुक्त घटना के बाद भागते हुए नजर आ रहे थे। पुलिस द्वारा कड़े प्रयास सुराग रस्सी पता रस्सी के बाद दोनों अभियुक्त गण की शिनाख्त करने के बाद बुधवार को थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ पर दोनो द्वारा बताया गया कि 26जून को वो अपने परिवार सहित जूना अखाड़ा भवन में रुके थे किंतु शराब का सेवन के होने के कारण जूना अखाड़ा भवन प्रबंधक तथा बाबा द्वारा उनको रात में ही आश्रम छुड़वाया गया जिस कारण से गुस्से में आकर बदले के रूप में बाबा पर जानलेवा हमला किया। दोनों अभियुक्त गणों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बेसबॉल के डंडे बरामद किए गए। अभियुक्त दीपक के संबंध में जानकारी की गई तो अभियुक्त दीपक थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर का हिस्ट्रीशीटर है जिसके विरूद्ध लूट,गैंगस्टर सहित विभिन्न अपराधों में सात अभियोग पंजीकृत है। जबकि दूसरा आरोपी राहुल पुत्र सौ सिंह निवासी निवासी ग्राम अलीपुरा थाना चरथावल जनपद मुजफ्फरनगर शामिल है। पुलिस टीम मे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेन्द्र सिंह कठैत,एसएसआई बिनोद थपलियाल,सिपाही रवि पंत,शशिकांत त्यागी,कुलदीप तथा निर्मल भटट् शामिल रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
Comments
Post a Comment