हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कॉमनवेल्थ गेम्स में मीराबाई चानू द्वारा स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। प्रेस को जारी बयान में श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेलों में जिस प्रकार महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, वह सराहनीय है और भारत को गौरवान्वित कर रही है। भारत सरकार और खेल एकेडमी इसके लिए आशीर्वाद के पात्र हैं। हम सभी को महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखते हुए उन्हें खेलों के प्रति बढ़ावा देना चाहिए और उनके हुनर को पहचानते हुए उनके भविष्य का उज्जवल निर्माण करना चाहिए। मीराबाई चानू, गीता कुमारी फोगाट, बबिता कुमारी फोगाट और हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की अनाहत सिंह जो मात्र 14 वर्ष की हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर भारत की तरफ से इतिहास रचा है। जो सभी देशवासियों के लिए गौरव का क्षण है। संत समाज और समस्त अखाड़ा परिषद कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना करता है और आशा करता है कि भारत की तरफ से खेलते हुए अधिक से अधिक स्वर्ण पदक लेकर आए और अपने मां बाप और भारत का नाम रोशन करें। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि भारतीय महिलाएं समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। समाज में फैली कुरीतियों के चलते कई लोग बेटा बेटी में भेदभाव करते हैं। एक सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए इस नजरिए को बदलना होगा और बेटा बेटी का भेदभाव मिटाकर दोनों को समान दृष्टिकोण से देखते हुए उनके भविष्य के बेहतर निर्माण का सभी को संकल्प लेना होगा और समाज के प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति जागरूक अवश्य होना चाहिए। ताकि हमारी बेटियों की सुरक्षा हो और वह भविष्य में पूरे विश्व में देश को गौरवान्वित करें।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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