हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महाराज ने कहा है कि सावन में पूर्ण विधि विधान के साथ की गयी देवों के देव महादेव भगवान शिव की उपासना विशेष पुण्य फल प्रदान करती है। निरंजनी अखाड़ा स्थित चरण पादुका मंदिर में शिव आराधना के दौरान श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों के सभी मनोरथ पूरे करते हैं। श्रद्धालु भक्तों को श्रावण मास में प्रतिदिन नियमानुसार भगवान शिव का पूजन व आराधना करनी चाहिए। जो श्रद्धालु पूरे श्रावण मास भगवान शिव की आराधना करते हैं। भगवान भोलेनाथ उन पर असीम कृपा करते हैं। शिव कृपा से उनका जीवन सदैव उन्नति की ओर अग्रसर रहता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सृष्टि के प्रधान देव हैं और वे प्रकृति से विशेष स्नेह करते हैं। इसलिए शिव साधकों को प्रकृति के संरक्षण संवर्द्धन में भी अपना योगदान अवश्य करना चाहिए। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के चलते मानव जीवन में आज अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। प्राकृतिक संतुलन को पुनः स्थापित करने के लिए सभी श्रद्धालु भक्तों को शिव आराधना के साथ पौधारोपण कर वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण भी करना चाहिए। सभी के सहयोग से ही प्राकृतिक असंतुलन को दूर किया जा सकता है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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