हरिद्वार। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एन.एम.सी.जी.)नई दिल्ली एवं राज्य परियोजना प्रबन्धन ग्रुप, नमामि गंगे उत्तराखण्ड, देहरादून, के संयुक्त तत्वाधान में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिला गंगा संरक्षण समिति, हरिद्वार द्वारा वन प्रभाग एवं नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से चण्डीघाट रिवर फ्रन्ट हरिद्वार में हाट लगाकर विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (आई.ई.सी.) गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर रहे निरंजन पीठाधीश्वर, आचार्य माहमण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द गिरी द्वारा घाट पर हाट का फीता काटकर शुभारम्भ गया। मुख्य अतिथि द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने गणेश वन्दना और गंगा अवतरण की प्रस्तुति से सभी का मनमोह लिया। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक मंच के कलाकारों द्वारा लोकगीत आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वामी कैलाशानन्द गिरी जी महाराज ने उपस्थित जनमानस, से माँ गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाएं रखने का अह्वान करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आम जनमानस में नई चेतना का विकास होता है, उन्होंने घाट पर हाट कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार से हम स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार अधिक से अधिक कर सकते है। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु कार्य कर रहे समस्त संस्थाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने से समाज इससे जुड़ता है तथा घाटों पर हाट लगाने से स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा मिलता है। छात्र-छात्राओं के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही उक्त कार्यक्रम हरिद्वार में 02 दिवस तक आयोजित किये जायेंगे। इस अवसर पर पर्यावरणविद्, विजय पाल बघेल, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संजय चतुर्वेदी, बीइंग भागीरथी के शिखर पालीवाल, समाज सेवी जगदीश लाल पाहवा,विनय यादव,गंगा प्रहरी,मनोज निषाद,उप प्रभागीय वनाधिकारी सुश्री संदीपा शर्मा,वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौडियाल,सत्यदेव आर्य,संजय सिंह एवं नमामि गंगे से पूरन चन्द कापड़ी सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
Comments
Post a Comment