हरिद्वार। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा की बैठक में लिया में निर्णय लिया गया कि ठेका प्रथा को समाप्त करने के खिलाफ एक व्यापक अभियान हरिद्वार जनपद के अद्यौगिक क्षेत्र में लिया जायेगा। मोर्चे की बैठक को संचालित करते हुए मोर्चे के संयोजक व फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह ने कहा कि अधिकांश उद्योगों में स्थाई नियुक्तियां लगभग समाप्त हो रही है। सिडकुल हरिद्वार में बड़ी-बड़ी कम्पनियों में भी 2012-2013 के बाद स्थाई नौकरियां नाम मात्र की भी नहीं है। मोर्चे के संरक्षक व भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिउ ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा स्थाई नौकरी के स्थान पर एफटीई व नीम,ट्रेनी,अप्रेंटिस तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास परियोजना आदि पर भर्ती के नाम पर उद्योगों में नौजवानों को छला जा रहा है। इस नई ठेकेदारी व्यवस्था में मजदूरों को कोई श्रम कानूनोंध्अधिकरो का लाभ नहीं मिल रहा है। मोर्चे के कोषाध्यक्ष व देवभूमि श्रमिक संगठन हिन्दुस्तान यूनीलीवर के उपमंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि हमें ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ मजदूर वर्ग में पर्चे, पोस्टर व सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान लेने की आवश्यकता है। मोर्चे के मिडिया प्रभारी व कर्मचारी संघ सत्यम आटो के मजदूर नेता महिपाल सिंह ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा ने मजदूर वर्ग की जिंदगी को बदहाल व बर्बाद कर दिया है इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर पूंजीपतियों को ललकारना होगा। भगवानपुर से एवरेस्ट इण्डस्ट्रीज मजदूर यूनियन के विजय नारायण ने कहा कि भगवानपुर में मालिक वर्ग न्यूनतम मजदूरी तक मजदूरों को नहीं दिया जा रहा है मोर्चा भगवानपुर में भी जुलूस-प्रदर्शन करेगा! मोर्चे के सलाहकार व इंकलाबी मजदूर केन्द्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारी भी मजदूरों के साथ मालिक जैसा व्यवहार करते हैं श्रम कानूनों का ईमानदारी से पालन करने के स्थान पर मालिकों ध्प्रबंधन वर्ग के साथ पक्षधरता अधिक दिखाई देती है इसके खिलाफ मोर्चा जल्द से जल्द ज्ञापन देकर मजदूरों को न्याय दिलवाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाने का प्रयास करेगा। बैठक में इनके अलावा सी एण्ड एस मजदूर संगठन(सीमैन्स ग्रुप) के दिलीप कुमार,विभूषण,राजा मजदूर संगठन के ब्रिजेश कुमार, बच्चा प्रसाद, आदि उपस्थित रहे।
हरिद्वार। संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा की बैठक में लिया में निर्णय लिया गया कि ठेका प्रथा को समाप्त करने के खिलाफ एक व्यापक अभियान हरिद्वार जनपद के अद्यौगिक क्षेत्र में लिया जायेगा। मोर्चे की बैठक को संचालित करते हुए मोर्चे के संयोजक व फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह ने कहा कि अधिकांश उद्योगों में स्थाई नियुक्तियां लगभग समाप्त हो रही है। सिडकुल हरिद्वार में बड़ी-बड़ी कम्पनियों में भी 2012-2013 के बाद स्थाई नौकरियां नाम मात्र की भी नहीं है। मोर्चे के संरक्षक व भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राजकिउ ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा स्थाई नौकरी के स्थान पर एफटीई व नीम,ट्रेनी,अप्रेंटिस तथा प्रधानमंत्री कौशल विकास परियोजना आदि पर भर्ती के नाम पर उद्योगों में नौजवानों को छला जा रहा है। इस नई ठेकेदारी व्यवस्था में मजदूरों को कोई श्रम कानूनोंध्अधिकरो का लाभ नहीं मिल रहा है। मोर्चे के कोषाध्यक्ष व देवभूमि श्रमिक संगठन हिन्दुस्तान यूनीलीवर के उपमंत्री दिनेश कुमार ने कहा कि हमें ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ मजदूर वर्ग में पर्चे, पोस्टर व सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान लेने की आवश्यकता है। मोर्चे के मिडिया प्रभारी व कर्मचारी संघ सत्यम आटो के मजदूर नेता महिपाल सिंह ने कहा कि ठेकेदारी प्रथा ने मजदूर वर्ग की जिंदगी को बदहाल व बर्बाद कर दिया है इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर पूंजीपतियों को ललकारना होगा। भगवानपुर से एवरेस्ट इण्डस्ट्रीज मजदूर यूनियन के विजय नारायण ने कहा कि भगवानपुर में मालिक वर्ग न्यूनतम मजदूरी तक मजदूरों को नहीं दिया जा रहा है मोर्चा भगवानपुर में भी जुलूस-प्रदर्शन करेगा! मोर्चे के सलाहकार व इंकलाबी मजदूर केन्द्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारी भी मजदूरों के साथ मालिक जैसा व्यवहार करते हैं श्रम कानूनों का ईमानदारी से पालन करने के स्थान पर मालिकों ध्प्रबंधन वर्ग के साथ पक्षधरता अधिक दिखाई देती है इसके खिलाफ मोर्चा जल्द से जल्द ज्ञापन देकर मजदूरों को न्याय दिलवाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाने का प्रयास करेगा। बैठक में इनके अलावा सी एण्ड एस मजदूर संगठन(सीमैन्स ग्रुप) के दिलीप कुमार,विभूषण,राजा मजदूर संगठन के ब्रिजेश कुमार, बच्चा प्रसाद, आदि उपस्थित रहे।
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