हरिद्वार। कनखल स्थित श्री श्री आनंदमई संघ आश्रम मे 74वा संयम सप्ताह कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री श्री आनंदमई संघ के तत्वाधान मे उद्योग से 74 व संयम सप्ताह 20 से 27 नवंबर 2023 तक श्री श्री माता आनंदमई आश्रम कनखल में परम अध्यक्ष श्री श्री मां महासमाधि क्षेत्र में संपन्न हुआ। निजी का ज्ञान तथा निज की प्रति सभी भावनाओं में सत्य ब्रह्मचारी तथा अहिंसा अत्यधि के पालन द्वारा अपने-अपने आध्यात्मिक जीवन की उन्नति के साधन हेतु चेष्टा एवं सभी की अनुकूल संपादन हेतु सेवा ही संयम सप्ताह का उद्देश्य है। कार्यक्रम स्वामी चेतनानंद गिरी अध्यक्ष श्री श्री आनंदमई संघ के परम सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सेक्रेटरी स्वामी शिवानंद जी महाराज ने कहा संत महापुरुषों का सानिध्य मनुष्य में पुरुषार्थ उत्पन्न करने के साथ-साथ अच्छे संस्कार उत्पन्न करता है तथा मनुष्य को कल्याण की ओर अग्रसर करता है। इस अवसर पर पुष्पराज पांडे ने दैनिक कार्यक्रम तथा 74 व संयम सप्ताह महा व्रत में प्रतिभा करने वाले सहभागियों के बारे में बताया की 4ः45 पर सभी प्रतिभागी अपने दिए गए। मार्गदर्शन के अनुसार 5ः15 से 6ः00 तक प्रभावी कीर्तन 6ः00 बजे से 6ः45 तक अपना अपना नित्यकर्म,तत्पश्चात 7ः00 तक मां के मंदिर में आरती 7ः45 तक वेद पाठ कीर्तन 8ः00 बजे तक मंडप में आसन ग्रहण मंडप का द्वारा 8ः00 बजे से बंद हो जाएगा। 9ः00 बजे सामूहिक ध्यान जप त्याग शाहिद आने को कठोर विधि से गुजरते हुए गुजरना पड़ता है। इस अवसर पर आश्रम में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ जिसमें सभी मठ मंदिर आश्रम अखाड़े से पधारे संत महात्माओं ने भाग लिया।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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