हरिद्वार। भूपतवाला स्थित सिद्ध बाबा शंकर गिरी आश्रम मे वार्षिक अधिवेशन संत समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए पूज्य स्वामी डॉ अशोक गिरी जी महाराज ने कहा इस पृथ्वी पर गुरु ही ज्ञान की वह विशाल गंगा है जिनके ज्ञान रूपी अमृत में स्नान कर भक्त अपने जीवन को धन्य और कृतार्थ करते हैं। संत महापुरुषों द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक कार्य में भक्तजनों का हित निहित होता है। गुरु ही मनुष्य का लोक और परलोक सुधर सकते हैं। इस अवसर पर बोलते हुए श्री मोनी बाबा जी महाराज ने कहा दान हमेशा पात्र व्यक्ति को करना चाहिए अगर कोई संपन्न व्यक्ति है आप उसे दान कर रहे हैं और गरीब का तिरस्कार कर रहे हैं,ऐसा दान किसी काम का नहीं। दरिद्र नारायण को ही सदैव उसकी आवश्यकता अनुसार दान करना चाहिए। यही दान आपका लोक और परलोक सुधर सकता है। इस अवसर पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें हजारों संत महापुरुषों ने भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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