हरिद्वार। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से कांवड़ियों की सेवा के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। ऊंची सड़क पर आयोजित चिकित्सा शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी अनिल कुमार कुमार ने किया। इस दौरान ड्रग्स इंस्पेक्टर अनिता भारती भी मौजूद रही। इस दौरान शिविर में इलाज के लिए आए गंभीर रूप से बीमार कुछ कांवड़ियों को स्वामी विवेकानंद चैरिटेबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जबकि मामूली रूप बीमार अन्य कांवड़ियों का चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कर दवाएं दी गयी। चोटिल कांवड़ियों की ड्रेसिंग कर उन्हें दवा दी गयी। सुनील अरोड़ा ने कहा कि कांवड़ियों की सेवा के उद्देश्य से चिकित्सा शिविर लगाया गया है। चिकित्सा कैंप में सतीश विरमानी,अक्षय कुमार,आमेश,राजेश शर्मा,अनिल अरोड़ा द्वारा विशेष सहयोग किया गया है। शिविर में डा.संजय शाह व डा.नरेश चौधरी मरीजों की जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी को कांवड़ियों की सेवा करनी चाहिए। हरजीत सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर चोट लगने पर कांवड़ रोगियों के लिए निःशुल्क अस्पताल में भती कराने की व्यवस्था को भी लागू किया गया है। स्वामी विवेकानंद चैरिेटेबल अस्पताल द्वारा भी सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर प्रमोद पांधी,प्रवीण कुमार,राम अरोरा,हरजीत सिंह,जगदीश लाल पाहवा,राजकुमार,अक्षय कुमार,कुंज भसिन,तरुण पांधी,गर्व बत्रा,जय अरोरा,दुर्गेश खन्ना,अशंक अरोरा,मनीष मेहता,तमन्ना अरोरा,पूजा मेहता,नीति मेहता,सोनू खन्ना,रोहित मेहता,रिद्धि मेहता,डा.पूनम,मोनिका,डा.मनोज,सुनील अरोड़ा ,सुभाष तनेजा,पुष्कर खन्ना,अर्श गर्ग,मुनींश गर्ग,आशीष चौहान,राजेश कुमार,नीरज कुमार, प्रदीप कुमार,शिव कुमार ग्रोवर,जय अरोड़ा,रोवांश ग्रोवर,मनीष मेहता,रागोरिका मेहता,रोहित मेहता,पराग गर्ग समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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