हरिद्वार। श्रावण के दूसरे सोमवार को धर्मनगरी के विभिन्न शिवालयों में श्रद्वालुओं की भीड़ लगी रही। आज सावन का दूसरा सोमवार है। इस मौके पर शिवालयों में श्रद्धालुओं की जलाभिषेक के लिए भीड़ लगी हुई है। सर्वाधिक भीड़ भाड़ कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में देखी जा रही है। यहां कांवड़िए भी जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। पुराणों के अनुसार अपने ससुर राजा दक्ष प्रजापति को दिये वचन के अनुसार सावन माह में भोलेनाथ हरिद्वार के कनखल में अपनी ससुराल में रहकर सृष्टि का संचालन करते हैं। इस मौके पर हरिद्वार के दक्ष मंदिर सहित नीलेश्वर,बिलकेश्वर,जटिलेश्वर,गुप्तेश्वर आदि मंदिरों में भी भक्तों की काफी भीड़ रहती है। सावन मास की शिवरात्रि महत्वपूर्ण मानी जाती है। कांवड़िए इसी तिथि को जलाभिषेक करते हैं। सावन शिवरात्रि तिथि इसबार 2अगस्त को अपराह्न आरंभ होगी। हालांकि सावन माह का समापन 19 अगस्त सोमवार को होगा।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
Comments
Post a Comment