हरिद्वार। किशोरी को छेड़छाड़ व जान से मारने की धमकी देने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुसुम शानी ने आरोपी को दोषी पाते हुए पांच साल के कारावास व 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि पांच मार्च 2022 को एक किशोरी ने कलियर क्षेत्र में स्थित गंगनहर में कूदकर आत्म हत्या करने की कोशिश की गई थी। वहां गंगनहर में नहाने वाले युवकों ने उसे बचा लिया था। एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए भर्ती कराया गया था। होश आने पर पीड़ित किशोरी ने अपने परिजनों को घटना बताई थी। इसके बाद पीड़ित किशोरी के पिता ने आरोपी अकरम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस को बताया था कि आरोपी ने उसके दामाद के साथ घर पर आने के दौरान उसकी नाबालिग लड़की को अपनी बातों में फंसाकर फोन पर बातें करने लगा था। आरोपी युवक ने उसके फोटो मोबाइल में खींचकर ब्लैकमेल करने लगा। आरोपी ने पीड़ित किशोरी को शादी नही करने पर उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता ने जब आरोपी से बात की तो आरोपी ने उसे दोबारा जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसपर आरोपी के उत्पीड़न करने पर पीड़ित किशोरी ने गंगनहर में डूबकर जान देने की कोशिश की थी। पुलिस ने आरोपी अकरम पुत्र अशरफ उर्फ कलवा निवासी ग्राम कुंगर पट्टी सुजड़ू कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर यूपी को गिरफ्तार कर संबधित धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया था। वादी पक्ष ने साक्ष्य में छह गवाह पेश किए। कोर्ट ने आरोपी अकरम को किशोरी को छेड़छाड़ कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में पांच वर्ष का कारावास व 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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