हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार तथा देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध शास्त्रीय व सुगम संगीत गायक विपुल रुहेला की ग़ज़लों का जादू 29 मार्च को छिंदवाड़ा (म.प्र.)में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय ग़ज़ल गायन प्रतियोगिता ‘कौन बनेगा तरन्नुम नवाज़‘ के ग्रैंड फिनाले में भी छाएगा। कार्यक्रम का आयोजन युवा प्रतिभा प्रोत्साहन मंच की ओर से किया जा रहा है। आकाशवाणी व दूरदर्शन के चर्चित कलाकार विपुल रुहेला ने बताया कि ग्रैंड फिनाले के लिये देशभर से भाग लेने आये सैकडों कलाकारों में से 25श्रेष्ठ कलाकारों का चयन किया गया था। उन्हीं 25 में से अब ग्रेंड फिनाले के लिये पाँच कलाकारों को चुना गया है।इसके विजेता को‘तरन्नुम नवाज़‘की उपाधि के साथ नकद इनामी धनराशि से नवाज़ा जायेगा और एक ग़ज़ल एल्बम करने का सुनहरा मौका भी दिया जाएगा।विपुल ने बताया कि ग्रेंड फिनाले में विश्व प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक चंदन दास और विविध भारती मुंबई के उद्घोषक यूनुस खान विशेषरूप से उपस्थित रहेंगे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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