हरिद्वार।ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर पायलट बाबा के शिष्य ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज की षोड़शी पर संत समाज ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। जगजीतपुर स्थित पायलट बाबा आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर साध्वी चेतना गिरी एवं महामंडलेश्वर स्वामी श्रद्धा गिरी ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज त्याग,तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति थे।ब्रह्मलीन पायलट बाबा द्वारा स्थापित सेवा प्रकल्पों को आगे बढ़ाने में ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज का अहम योगदान रहा।उनके दिखाए मार्ग चलते हुए मानव कल्याण में योगदान करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज विद्वान संत थे।जिन्होंने अपने गुरू ब्रह्मलीन पायलट बाबा की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए आश्रम की सेवा परंपरांओं को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभायी।स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज की उनके गुरू ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर पायलट बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा सभी के लिए प्रेरणादायी है।पायलट बाबा आश्रम के प्रबंधक दुष्यंत कुमार चौहान,अमर सिंह,अनिल सिंह व जयबाकटे ने सभी संत महापुरूषों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया।स्वामी दिनेश दास,स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि,स्वामी विपनानंद,स्वामी नागेंद्र महाराज,महंत रघुवीर दास,महंत बिहारी शरण, महंत सूरजदास,महंत जयराम दास सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूषों और श्रद्धालुओं ने ब्रह्मलीन स्वामी प्रकाशानंद महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें दिव्य आत्मा बताया।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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