हरिद्वार। कांगड़ी गाजीवाला स्थित आरती गिरी जी महाराज के आश्रम में पूज्य गुरुदेव श्री बाबा आरती गिरी जी महाराज की चतुर्थ पुण्यतिथि आश्रम में संत महापुरुषों की उपस्थित के बीच बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी। इस अवसर पर बोलते हुए किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बुलबुल गिरी महाराज हरियाणा गददीनसीन ने कहा गुरुदेव का पावन सानिध्य इस पृथ्वी लोक पर सूर्य के सामान होता है जो किसी बिना भेदभाव के चाहे छोटा हो चाहे बड़ा हो चाहे गरीब हो या अमीर हो बिना जाति धर्म देखें सभी को एक समान प्रकाशमान ऊर्जा पहुंचते है। इसी प्रकार इस पृथ्वी लोक पर सतगुरु का पावन सानिध्य है सतगुरु साक्षात पारब्रह्म है। इस धरती लोक पर हमारे सतगुरु ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में अवतरित होते हैं जो धर्म-कर्म पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान तथा तत्व ज्ञान के माध्यम से भक्तों के जीवन का उद्धार करते हैं। सतगुरु के ज्ञान के बिना यह मानव जीवन अधूरा है सतगुरु धर्म कर्म ज्ञान के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करते हुए हमें ईश्वर तक पहुंचाने की युक्ति बताते हैं तथा हमारा मानव जीवन सार्थक करते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधान नंद महाराज ने कहा सतगुरु धर्म कर्म के माध्यम से भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए उनके जीवन को कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी युगल किशोर गिरी ने कहा इस सृष्टि में शिव ही आदि है और शिव ही अनादि है। संपूर्ण ब्रह्मांण्ड की उत्पत्ति भगवान शिव से हुई है,एक दिन उन्हें में समाहित हो जाना है इसलिये इस मानव जीवन को परमार्थ में लगाइये ताकि यह मानव जीवन भवसागर पार हो जाये। महंत तनिष्क जी ने कहा इस स्थूल शरीर का एक दिन अंत होना है इसलिये अपने सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलते हुए इस जीवन को धर्म कर्म के माध्यम से सार्थक कर लेना चाहिये। स्वामी शिवरात्रि गिरी,महंत रेखा महंत कमलेशानन्द महाराज,महंत रचना, महंत महाकाल गिरी,महत तूफान गिरी,दिगंबर श्रीकृष्ण पुरी महाराज,थानापति कौशल गिरी,महंत अर्चना महंत गौतम गिरी,स्वामी आनंद गिरि,स्वामी रतन गिरी,आचार्य लोकेश महाराज,स्वामी नवरात्रि गिरि,महंत योगेश्वरानन्द सरस्वती,महंत नितिशा,महंत रमोला,महंत युगल किशोर,महंत कोतवाल रामेश्वर गिरी,प्रवीण कश्यप,मनोजानंद सहित भारी संख्या में संत महापुरुषों ने अपनी श्रद्वांजलि दी।
हरिद्वार। कांगड़ी गाजीवाला स्थित आरती गिरी जी महाराज के आश्रम में पूज्य गुरुदेव श्री बाबा आरती गिरी जी महाराज की चतुर्थ पुण्यतिथि आश्रम में संत महापुरुषों की उपस्थित के बीच बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी। इस अवसर पर बोलते हुए किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बुलबुल गिरी महाराज हरियाणा गददीनसीन ने कहा गुरुदेव का पावन सानिध्य इस पृथ्वी लोक पर सूर्य के सामान होता है जो किसी बिना भेदभाव के चाहे छोटा हो चाहे बड़ा हो चाहे गरीब हो या अमीर हो बिना जाति धर्म देखें सभी को एक समान प्रकाशमान ऊर्जा पहुंचते है। इसी प्रकार इस पृथ्वी लोक पर सतगुरु का पावन सानिध्य है सतगुरु साक्षात पारब्रह्म है। इस धरती लोक पर हमारे सतगुरु ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में अवतरित होते हैं जो धर्म-कर्म पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान तथा तत्व ज्ञान के माध्यम से भक्तों के जीवन का उद्धार करते हैं। सतगुरु के ज्ञान के बिना यह मानव जीवन अधूरा है सतगुरु धर्म कर्म ज्ञान के माध्यम से हमारा मार्गदर्शन करते हुए हमें ईश्वर तक पहुंचाने की युक्ति बताते हैं तथा हमारा मानव जीवन सार्थक करते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधान नंद महाराज ने कहा सतगुरु धर्म कर्म के माध्यम से भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए उनके जीवन को कल्याण की ओर अग्रसर करते हैं। महामंडलेश्वर स्वामी युगल किशोर गिरी ने कहा इस सृष्टि में शिव ही आदि है और शिव ही अनादि है। संपूर्ण ब्रह्मांण्ड की उत्पत्ति भगवान शिव से हुई है,एक दिन उन्हें में समाहित हो जाना है इसलिये इस मानव जीवन को परमार्थ में लगाइये ताकि यह मानव जीवन भवसागर पार हो जाये। महंत तनिष्क जी ने कहा इस स्थूल शरीर का एक दिन अंत होना है इसलिये अपने सतगुरु के बतायें मार्ग पर चलते हुए इस जीवन को धर्म कर्म के माध्यम से सार्थक कर लेना चाहिये। स्वामी शिवरात्रि गिरी,महंत रेखा महंत कमलेशानन्द महाराज,महंत रचना, महंत महाकाल गिरी,महत तूफान गिरी,दिगंबर श्रीकृष्ण पुरी महाराज,थानापति कौशल गिरी,महंत अर्चना महंत गौतम गिरी,स्वामी आनंद गिरि,स्वामी रतन गिरी,आचार्य लोकेश महाराज,स्वामी नवरात्रि गिरि,महंत योगेश्वरानन्द सरस्वती,महंत नितिशा,महंत रमोला,महंत युगल किशोर,महंत कोतवाल रामेश्वर गिरी,प्रवीण कश्यप,मनोजानंद सहित भारी संख्या में संत महापुरुषों ने अपनी श्रद्वांजलि दी।
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