हरिद्वार।गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.सुनील कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कुलसचिव के खिलाफ यूनियन के मेल पर कुछ कागजात प्राप्त हुए हैं। जिसको लेकर यूनियन में आक्रोश फैला हुआ है।इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज ने कहा कि समविश्वविद्यालय में कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।इस व्यवहार को लेकर कई बार कुलसचिव को यूनियन के पदाधिकारियों द्वारा फटकारा भी गया है लेकिन कर्मचारियों के कार्य एवं भत्ते लगातार रोके जा रहे हैं।यूनियन द्वारा दिए गए मांगपत्र पर विश्वविद्यालय प्रशासन को कई बार स्मरण पत्र दिए गए है, लेकिन कर्मचारियों के हितों को लेकर प्रशासन कोई भी वार्ता करने के लिए तैयार नहीं है। बीते दिन कर्मचारियों द्वारा कुलपति और कुलसचिव का घेराव भी किया गया था,लेकिन कर्मचारियों की मांग को एक सिरे से खारिज कर दिया गया है।यूनियन के महामंत्री नरेन्द्र मलिक ने कहा कि स्ववित्तपोषित अनुदान के अन्तर्गत समविश्वविद्यालय में कई कोर्स संचालित है लेकिन उनको आज तक समविश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उच्च स्तरीय संस्था द्वारा ऑडिट नहीं कराया गया है।स्ववित्तपोषित के बजट को प्रशासन द्वारा खुर्द-बुर्द किया जा रहा है जिससे 80से अधिक कर्मचारियों के भविष्यनिधि के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा प्रो.सुनील कुमार,कुलसचिव के खिलाफ पत्रावली काफी चर्चा में है,जिसको लेकर यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक सप्ताह का जांच कराने का समय मांगा है जिसमें प्रो.सुनील कुमार,कुलसचिव पर वित्तीय अनियमितता लगाने का आरोप लगाया गया है। यदि प्रशासन द्वारा कुलसचिव के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाती है तो समस्त कर्मचारी धरना प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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