हरिद्वार।अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ.प्रणव पण्ड्या ने कहा कि देवशक्तियों की उपस्थिति में गायत्री साधन अधिक फलदायी होती है।पवित्र और दिव्य ऊर्जा के वातावरण में जब हम गायत्री साधना करते हैं,तो हमारे मन और आत्मा पर गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।मानस मर्मज्ञ श्रद्धेय डॉ.पण्ड्या नवरात्र साधना की व्याख्यान माला के अंतर्गत देश-विदेश से आये साधकों को तीर्थ की महिमा विषय पर संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य श्रेष्ठ तीर्थों में से एक हैं,जहाँ अनेक ऋषियों ने साधना की और इच्छित फल प्राप्त किया।इससे पूर्व संगीत के भाइयों ने‘अपनी भक्ति का अमृत पिलो दो प्रभु’ भावगीत प्रस्तुत किया। जिससे साधकों ने मनोयोगपूर्वक साधना करने की ओर प्रेरित हुए।समापन से पूर्व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने महाआरती की। इस अवसर पर देश विदेश से आये गायत्री साधक,देसंविवि-शांतिकुंज परिवार के अनेकानेक लोग उपस्थित रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
Comments
Post a Comment