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September 8, 2020 • Sharwan kumar jha • administrative

हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने कल कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कोविड-19 एस0ओ0पी0 रिव्यू बैठक में कहा है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने की दिशा में काफी सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपके पास जैसे ही कोविड की सूचना आती है, उसी वक्त उच्च अधिकारियों को सूचना देनी चाहिये। आपके त्वरित निर्णय व सूचना देने से कई लोगों की जान बच सकती है। होम आइसोलेशन का जिक्र करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वालों के लिये अलग से टीम जायेगी। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन में हर व्यक्ति को ट्रेस करना होगा, जिसका पूरा हिसाब-किताब होना चाहिये। जब कोई टीम घर पर जाती है तो वहां जाकर वे उन्हें होम आइसोलेशन की पूरी जानकारी दें, जिससे होम आइसोलेशन का पूरा पालन होने के साथ ही, उसके बेहतर परिणाम सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिल रही है कि कुछ लोग होम आइसोलेशन की शर्तो को पूरा करने में ढिलाई बरत रहे हैं, होम आइसोलेशन के सम्बन्ध में हमें सख्त होना चाहिये। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति हमें समझौता नहीं करना चाहिये। पहले तो लोगों को अच्छी तरह पूरी जानकारी देते हुये समझाना चाहिये, अगर लापरवाही बरतते हैं, तो कड़ाई करनी चाहिये, क्योंकि लापरवाही या नियमों का पालन न करने वाले एक या दो प्रतिशत ही मुश्किल से होते हैं। सी0 रविशंकर ने सख्त निर्देश दिये कि कुछ लोग कोराना सम्बन्धी गलत जानकारी देकर गुमराह करते हैं, जिससे संक्रमण फैलता है। ऐसे लोगों के खिलाफ हेल्थ डिपार्टमेंट एफ0आई0आर0 दर्ज करे। गलत सूचनाओं का पता लगाया जाये तथा जो जानबूझकर गलत पता देता है तो दोषी वही है, जो भी संक्रमण को फैलाने में भागीदार होता है, उसे सजा अवश्य मिलनी चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने में हेल्थ इंफारमेंशन रूरल की विशेष रूप से जिम्मेदारी है, जिसके निर्वहन में सम्बन्धित अधिकारियों का आपस में तालमेल होना बहुत आवश्यक है। सी0सी0सी0 माॅडल का उल्लेख करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिये नोडल अधिकारियों का आपस में सहयोग बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सी0सी0सी0 के नोडल अधिकारी को प्रत्येक व्यक्ति को तुरन्त रिस्पाॅन्स देना चाहिये। सी0 रवि शंकर ने अधिकारियों को भविष्य के लिये हिदायत दी कि जहां पर भी जो व्यवस्थायें सम्पन्न होनी हैं, वे समय पर हों, मरीजों को दिया जाने वाला भोजन गरम होना चाहिये तथा उसकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिये एवं भोजन की जितनी मात्रा होती है, वह पूरी होनी चाहिये। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि काण्टेक्ट ट्रेसिंग की सूचना नोडल अधिकारियों को तुरन्त दें। उन्होंने कहा कि काण्ट्रेक्ट ट्रेसिंग का मूल कण्टेनमेंट जोन हैं। कण्टेनमेंट से हमें लोगों को बचाना है। उन्होंने काण्टेक्ट ट्रेसिंग में काफी सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। आरोग्य सेतु एप का उल्लेख करते हुये जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें कोई शिथिलता नहीं दी गयी है। इसको अधिक से अधिक इस्तेमाल में लाना समय की मांग है। सी0 रवि शंकर ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक दिन का आंकलन होना चाहिये तथा कहीं से भी किसी तरह की कोई शिकायत नहीं आनी चाहिये। उन्होंने कहा कि बाॅर्डर मैंनेजमेंट की स्थिति सन्तोषजनक नहीं है, इसमें काफी सुधार लाने की आवश्यकता है। उक्त बैठक में ए0सी0एम0ओ0 डाॅ0 अजय कुमार, डी0डी0ओ0 पुष्पेन्द्र चैहान,परियोजना निदेशक आर.सी. तिवारी, एस0डी0एच0 रूड़की जोन डाॅ. ए.के.मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 एच0डी0 शाक्य, विनोद कुमार टम्टा, डाॅ0 पंकज जैन,जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव, जिला पर्यटन अधिकारी श्रीमती सीमा नौटियाल, सहायक निदेशक मत्स्य जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेन्द्र पाल, डिप्टी कमाण्डेंट ए0टी0सी0 सुरजीत सिंह पंवार, एस0एन0ए0 नगर निगम तनवीर मारवाह सहित कई जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे।