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आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन ने 21सूत्रीय मांगो को लेकर भेजा प्रधानमंत्री को ज्ञापन
July 24, 2020 • Sharwan kumar jha • other

हरिद्वार। आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन ने डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को 21 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया। कार्यकत्रियों का कहना है कि उनके काम संभालने के बाद जच्चा बच्चा की मृत्यु दर में कमी आई है। उन्होंने कार्यकत्रियों को न्यूनतम 18 हजार रुपए मानदेय प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की।संगठन ने ज्ञापन में कहा कि महिला एवं बाल विकास, राजस्व विभाग, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य विभागों से संबंधित कार्य करती है। संगठन की जिला महामंत्री सुनीता तिवारी ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों को न्यूनतम 18 हजार रुपए मानदेय प्रतिमाह निर्धारित किया जाए। कार्यकत्रियों को ईपीएफ एवं ईएसआई के दायरे में लाया जाए। तथा पेंशन का भी भुगतान किया जाए। कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। वर्ष 2016 में कार्यकत्रियों द्वारा एमएसबीवाई के कार्ड सरकार द्वारा बनाए गए थे। उनका कोई भी भुगतान नहीं किया गया है। वर्ष 2019 में भारत सरकार के द्वारा अटल आयुष्मान योजना के कार्ड में आशाओं की पूर्ण भागीदारी रही थी। उसमें भी भुगतान नहीं हुआ है। जिला उपाध्यक्ष गीता ने कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 संक्रमण काल के दौरान कोरोना से पीड़ित कार्यकत्रियों की मृत्यु होने पर राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले धनराशि का कोई भुगतान नहीं हुआ। आशा कार्यकत्रियों की मृत्यु के उपरांत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के तहत आशाओं को कवर करने के प्रस्ताव को भी लागू कर धनराशि निर्गत की जाए। प्रत्येक वर्ष डेंगू का सर्वे उनके द्वारा किया जाता है। सर्वे का भुगतान भी नहीं दिया गया। दुर्घटना होने या मृत्यु हो जाने पर पांच लाख का भुगतान बतौर महोदय के रुप में होना चाहिए। उत्तराखंड प्रदेश स्वास्थ्य एएनएम संविदा कार्यरत कर्मचारियों को लिखित वेज बोर्ड का गठन किया जाए। जिससे उन्हें नियमानुसार वेज का लाभ प्राप्त हो सके। पांच हजार रुपए प्रोत्साहन राशि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाता था। वह भुगतान बंद होने से आशा कार्यकत्रियों में रोष व्याप्त है। उसको तत्काल लागू किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य का भुगतान प्रतिमाह किया जाए। इस दौरान सह मंत्री सुनीता, अनीता, ललितेश विश्वकर्मी, सारिका आदि मौजूद थे।