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अभिभावक कल्याण संघ ने 7सूत्रीय मांगो को लेकर भेजा मंत्रालय को नोटिस
May 4, 2020 • Sharwan kumar jha • administrative

हरिद्वार। अभिभावक कल्याण संघ ने शिक्षा व्यस्था में व्यापत कमियों एवम उसके कारण अभिभावकों को हो रही परेशानी के लिए 7 सूत्री मांगों के साथ मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसर्च एवम मुख्य सचिव भारत सरकार को भेजा नोटिस। संस्था के अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव द्वारा बताया गया भारत वर्ष के समस्त स्कूल सरकारी एवम गैर सरकारी मानव संसाधन मिनिस्ट्री के अंतर्गत आते हैं। सभी स्कूलों को अफ्फिलेशन मनमाने आधार पर दिया जाता है। इसी कारण से हर 50 मीटर के अंतराल पर कोई न कोई स्कूल संचालित हो रहा है इसके नियामक को मानक नहीं हैं और अगर हैं तो उनका सही से अनुपालन नहीं होता है। इसलिए अफ्फिलेशन किसी बोर्ड या व्यक्ति की जगह एक स्वतंत्र ऑटोनोमस बॉडी के द्वारा किया जाए जिसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो। वैश्विक महामारी संकट के समय किसी भी तरह का शुल्क पूर्णरूप से माफ किया जाये। भारत सरकार के बेटी बचाव बेटी पढ़ाओ अभियान के अंर्तगत देश की हर बेटी के भरणपोषण से लेकर उनकी उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार के द्वारा वहन की जाए । कोई भी स्कूल 5 वर्ष से पूर्व उसकी यूनिफार्म में किसी तरह का बदलाव ना कर पाए । एक देश और एक संविधान की तरह सबको शिक्षा का सामान अधिकार हो इसके लिए समस्त भारत वर्ष में सभी शिक्षा बोर्डों में बेसिक कोर्स में एकरूपता हो क्योंकि इससे छात्रों के बीच दोहरा मापदंड स्थापित होता है । जिन स्कूलों द्वारा छात्रों के परिवहन हेतू बसों का संचालन किया जाता है उसका शुल्क निर्धारण सरकार द्वारा तय किया जाए जोकि समान रूप से लागू हो। क्योंकि हर गैर सरकारी स्कूल का संचालन किसी न किसी ट्रस्ट या संस्था द्वारा किया जाता है और स्कूल टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं इसलिए उनका मासिक शुल्क भी 500-प्रतिमाह या ऑटोनोमस बॉडी या सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए। वाद दाखिल करने वालों में प्रशांत राजपूत.रोहित कन्न्वाल अनिल भास्कर विकास तिवारी दीपेश गर्ग के द्वारा नोटिस प्रेषित किया गया !