अखाड़े के खातों के संचालन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है-महंत देवेन्द्र सिंह
March 12, 2020 • Sharwan kumar jha

हरिद्वार। श्री पंचायत अखाड़ा निर्मल के सचिव व अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री व अखाड़े के सभी संतों ने अखाड़े के खातों के संचालन पर रोक लगाए जाने संबंधी खबरों को भ्रामक करार दिया है। कनखल स्थित अखाड़े मंे पत्रकारों से वार्ता करते हुए महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने कहा कि अखाड़े के खातों के संचालन को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। अखाड़े की संपत्ति को कब्जाने के प्रयासों में लगे भूमाफिया भ्रम फैलाने के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमाफिया को संरक्षण दे रहे संतों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ऐसे संतों से अखाड़ा अब किसी प्रकार का कोई व्यवहार नहीं रखेगा। उन्होंने अन्य सभी अखाड़ों व आश्रमों से भी ऐसे संतों का बहिष्कार करने की अपील की है। महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री ने कहा कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी व महामंत्री हरिगिरी को भी पूरे मामले से अवगत करा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग संत का वेश धारण कर अखाड़े की संपत्तियों को कब्जाने के प्रयास में लगे हैं। जिसे कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि निर्मल अखाड़े की छवि को बार बार धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ संतों द्वारा सुनियोजित तरीके से योजना बनाकर बार बार अखाड़े की संपत्ति को कब्जाने का प्रयास पूर्व में भी किया गया है। अखाड़े की एक्कड़ कलां शाखा पर भी षड़यंत्र पूर्वक कब्जा कर लिया गया था। जिसे अखाड़ा परिषद व संत समाज के सहयोग से हटाया गया। महंत अमनदीप सिंह महाराज ने कहा कि कुछ भूमाफिया संत का वेश धारण कर अनैतिक तरीके से अखाड़े की संपत्ति पर कब्जा करना चाह रहे हैं। उनके प्रयास को पूर्व में भी नाकाम किया जा चुका है। इस दौरान महंत खेमसिंह, महंत हरभजन सिंह, महंत आशाराम, संत सुखमन सिंह, संत संदीप सिंह, संत निर्मल सिंह, संत रोहित सिंह, संत जसकरन सिंह, संत तलविन्दर सिंह आदि भी मौजूद रहे।